सतबरवा में हाईटेंशन तार की चपेट में आने से युवक की मौत
युवक नहर में नहाने की तैयारी कर रहा था, इसी बीच ऊपर से गुजरी हाईटेंशन लाइन के 11 हजार करंट प्रवाहित तार युवक के सिर पर आ गिरा और मौके पर ही दर्दनाक मौत हो गई
सतबरवा में हाईटेंशन तार की चपेट में आने से युवक की मौत
पलामू जिले के सतबरवा थाना क्षेत्र के हुड़मुड़ गांव निवासी सुनील भुइयां(34) की मौत 11 हजार विद्युत तार के चपेट में आने से हो गई। घटना शुक्रवार के सुबह 6:30 बजे के करीब की है।
घटना की खबर पाकर सतबरवा थाना पुलिस मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर मेदिनीनगर के एमएमसीएच अस्पताल से पोस्टमार्टम कराने के बाद युवक के शव को परिजनों को सौंप दिया है।
इधर इंटक के प्रदेश सचिव विवेकानंद त्रिपाठी ने जेबीवीएनएल के मैनेजर सह कार्यपालक अभियंता से दूरभाष पर बात कर मृतक के परिजनों को चार लाख मुआवजा और एक सदस्य को नौकरी देने की मांग की है।
उन्होंने बताया कि ने मृतक के परिजनों को ईई ने सहायता राशि देने का आश्वासन दिया है।
उन्होंने कहा कि विद्युत करंट से मरे लोग डर के मारे विभाग और प्रशासन को सूचना नहीं देते इस कारण लोगों को मुआवजा नहीं मिल पाता है। जबकि वितरण निगम लिमिटेड का प्रावधान है की विद्युत करंट से मृत्यु हुए व्यक्तियों के परिजनों को मुआवजा देने का है।
उन्होंने बताया कि मृत युवक हलखोरी भुईया का पुत्र है ।
पत्नी समेत उसके चार छोटे -छोटे नाबालिक बच्चे भी हैं । जिनका रो-रोकर बुरा हाल बन गया है।
प्रदेश सचिव विवेकानंद त्रिपाठी के अनुसार युवक घर के समीप नहर में अपने आधा दर्जन साथियों के साथ मुंह हाथ धोने के बाद नहाने की तैयारी कर रहा था । इसी बीच ऊपर से गुजरी हाईटेंशन लाइन के 11 हजार करंट प्रवाहित तार युवक के सिर पर आ गिरा और मौके पर ही झुलसने से दर्दनाक मौत हो गई।
वही साथ में खड़े होकर बात कर रहे लोग जान बचाकर भाग खड़े हुए। वही सतबरवा विद्युत सब स्टेशन से जुड़े संबंधित कर्मियों ने एक युवक की मौत होने की सूचना विभाग के अधिकारियों को दे दिया है।
सतबरवा में हाईटेंशन तार की चपेट में आने से युवक की मौत
इधर थाना प्रभारी कर्मपाल नाग के अलावे एसआई राहुल कुमार मोर्या, दीपक कुमार, उमेश कुमार के अलावे पुलिस बल के जवानों के साथ कई लोग मौजूद थे।
विदित हो कि 2003 में सतबरवा सब स्टेशन का कार्य शुरू हुआ और 2008 से सतबरवा के अलावे लेस्लीगंज और सदर मेदनीनगर के 4 पंचायतों में बिजली आपूर्ति की शुरुआत की गई।
आपूर्ति के लिए 4 फीडर बनाए गए हैं जो पोलपोल, सतबरवा, तुंबागड़ा और डबरा फीडर से हजारों विद्युत उपभोक्ताओं के घरों और प्रतिष्ठानों में बिजली आपूर्ति की जाती है। इस दौरान हाईटेंशन और लो -टेंशन तार के चपेट में आने से दर्जनों लोगों की मौत हो चुकी है।

