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Fri. Feb 6th, 2026

धान बेचने वाले किसानों को अब तक नहीं हुई पूरी राशि का भुगतान, कर्ज लेकर खेती करने को मजबूर किसान लातेहार महुआडांड़

 

शहजाद आलम की रिपोर्ट ब्यूरो बबलू खान के साथ

धान बेचने वाले किसानों को अब तक नहीं हुई पूरी राशि का भुगतान, कर्ज लेकर खेती करने को मजबूर किसान

 

महुआडांड़ प्रखंड के लैंपस-पैक्स में धान बेचने वाले 64 किसानों को अब तक पूरी राशि का भुगतान नहीं हुआ है। वह राशि के लिए रोज लैंपस-पैक्स का चक्कर लगा रहे हैं। धान अब तक गोदामों में ही पड़ा हुआ है। इस वजह से उन्हें राशि का भुगतान नहीं हो पाया है। प्रखंड के किसानों को इस बार उम्मीद थी कि इसका लाभ किसानों को मिलेगा, लेकिन ऐसा नहीं हुआ। इसको लेकर किसानों में मायूसी है।

 

 

गोदाम की हालत जर्जर, पड़े पड़े सड़ रहे धान

राज्य में 15 नवंबर 2020 से धान खरीद की घोषणा की गई थी लेकिन उस समय धान में नमी होने की बात कह कर उसकी खरीद पर रोक लगा दी गई। एक दिसंबर से जिले में खरीद शुरू हुई। प्रखंड के कुल 64 किसानों ने लैंपस-पैक्स में बेचा। धान देने के कुछ दिन बाद आधी राशि किसानों के खाते में भेज दी गई। बाकी आधी राशि गोदाम से मिल में धान पहुंचने के बाद देने का प्रावधान है। चूंकि धान अब भी गोदाम में ही पड़ा हुआ है इसलिए राशि किसानों को मिल नहीं पायी है।

 

इस संबंध में लैम्प्स कर्मी मनोज महली ने बताया कि अभी भी 7 सौ क्विंटल महुआडांड गोदाम मे एवं 1300 किंवटल धान बरदौनी गांव के गोदाम में पड़ा हुआ है, गोदाम भी जर्जर स्थिति में है अब धान भी पड़े पड़े खराब हो रहा है। किसानों को इसके उठाव नही होने की वजह से अब तक आधी राशि का ही भुगतान हुआ है।

 

 

गोदाम की हालत जर्जर, पड़े पड़े सड़ रहे धान

वही इस संबंध में किसान धमेंद्र सिंह एवं मो इरशाद ने बताया कि उन्होंने लैम्प्स में क्रमशः 50 एवं 32 किवंटल धान बेचा था अभी तक आधा भुगतान ही मिला जबकि किसानों की धान की खेती का समय आ चुका है। पैसा नहीं मिलने के कारण कर्ज लेकर खेती करनी पड़ रही है। उन्होंने बताया कि कई बार कार्यालयों का चक्कर लगाया। लेकिन सिर्फ जल्द भुगतान का आश्वासन मिल रहा है।

 

 

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