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शहीद-ए-आजम को माले तथा इंकलाबी नौजवान सभा ने दी श्रद्धांजलि।

मार्च निकालकर केंद्र सरकार की रोजगार-युवा विरोधी नीतियों का किया विरोध।

गिरिडीह

शहीदे आजम भगत सिंह, राजगुरु तथा सुखदेव की 121 वीं शहादत दिवस पर आज भाकपा माले तथा इंकलाबी नौजवान सभा ने शहीदों को श्रद्धांजलि देते हुए केंद्र सरकार की मौजूदा रोजगार तथा युवा विरोधी नीतियों का पुरजोर विरोध किया।

मार्च निकालकर केंद्र सरकार की रोजगार-युवा विरोधी नीतियों का किया विरोध।

भाकपा माले के नेता गण तथा नौजवान सभा के कार्यकर्ता बस स्टैंड (रैन बसेरा) के पास इकट्ठा होकर वहां से मार्च निकालते हुए व्हिट्टी बाजार भगत सिंह चौक गए तथा बारी-बारी से शहीदे आजम की प्रतिमा पर श्रद्धा सुमन अर्पित किए।

मौके पर अपने संबोधन में माले के राज्य कमेटी सदस्य राजेश कुमार यादव, गिरिडीह विधानसभा प्रभारी राजेश कुमार सिन्हा, इंकलाबी नौजवान सभा के संयोजक अखिलेश राज आदि ने कहा कि, भगत सिंह एवं उनके साथियों के महान बलिदान को भुलाया नहीं जा सकता। उन्होंने ब्रिटिश साम्राज्यवाद सहित देश के भीतर भी हर तरह के शोषण जुल्म का विरोध किया। मौजूदा केंद्र की मोदी सरकार जिस तरह से कंपनियों का हित साधने के लिए देश के किसान-मजदूरों सहित युवाओं के अधिकारों पर भी हमले चला रही है उसे देखते हुए भगत सिंह के विचारों पर संघर्ष को आगे बढ़ाना आज वक्त की मांग है।

उन्होंने इस मौके पर मोदी सरकार द्वारा लाए गए तीनों काले कृषि कानूनों को वापस करने की मांग की साथ ही वक्ताओं ने शहीद-ए-आजम को राष्ट्र नायक घोषित करने की भी मांग की।

आज के कार्यक्रम में अन्य लोगों के अलावा मनोवर हसन बंटी, पप्पू खान, नौशाद अहमद चांद, प्रीति भास्कर, अखिलेश राज, मो. सलमान, मो. सद्दाम, निशांत भास्कर, संजय यादव, मनोज कु.यादव, प्रदीप यादव, सनातन साव, सुरेश राम, सोनू रवानी, मो. गुफरान, रहमत अली, मो. राजा, राजू सिंह, रंजीत रवानी, छोटू रवानी, राधे आदि मौजूद थे।

गिरिडीह से डिम्पल की रिपोर्ट

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