Breaking
Sun. Jan 11th, 2026

कृषि मंत्री बादल ने विकास उत्सव कार्यक्रम का किया उद्घाटन

दुमका प्रियव्रत झा

झारखंड सरकार के कृषि एवं सहकारिता मंत्री बादल पत्रलेख ने अबुआ राज के एक वर्ष की उपलब्धियों को गिनाते हुए जरमुंडी स्थित प्रखंड परिसर में विकास उत्सव कार्यक्रम का दीप प्रज्वलित कर उद्घाटन किया। मौके पर प्रखंड क्षेत्र से हजारों की तादाद में आए ग्रामीणों के बीच परिसंपत्तियों का वितरण करते हुए बादल ने कहा कि हमारी सरकार किसानों की समस्या को लेकर संवेदनशील है। कर्ज में डूबे किसानों के दर्द को बखूबी समझा है। इसके लिए कृषि ऋण माफी योजना को पूरे राज्य में धरातल पर उतारने का काम किया गया है। 1 लाख 23 किसानों के 50 हजार रूपए का ऋण माफ किया है। झारखंड के 20 वर्षों के इतिहास में किसानों के लिए जो काम किसी सरकार ने नहीं किया उस काम को हमारी सरकार ने करके दिखाया है। 493 करोड़ फसल बीमा एवं फसल राहत योजना के अंतर्गत एक सौ करोड़ रुपए का प्रावधान किया है। किसानों के हितों को सर्वोपरि स्थान देते हुए राज्य के प्रत्येक प्रखंड में 25 मई को सब्सिडी आधारित बीज वितरण का लक्ष्य रखा गया है। किसानों को केंद्र में रखते हुए हेमंत के नेतृत्व वाली यूपीए सरकार शीघ्र ही राज्य में कृषि कानून लागू करने के लिए जा रही है। किसानों को दिए जाने वाले न्यूनतम समर्थन मूल्य पर बोलते हुए बादल ने कहा कि इसके लिए एमएसपी कमेटी का गठन कर दिया गया है। आने वाले 4 वर्षों के भीतर प्रत्येक जिले में 1 लाख किसान तैयार करना सरकार की प्राथमिकता सूची में शामिल है। कृषि मंत्री ने केंद्र सरकार पर खनिज संपदा पर दिए जाने वाले रॉयल्टी की राशि देने में आनाकानी एवं बीमा कंपनियों को फसल बीमा का प्रीमियम देने को लेकर प्रदेश सरकार पर दबाव डालने का आरोप लगाया। 493 करोड़ फसल बीमा के लिए राज्य सरकार से लेकर महज 79 करोड़ दिया गया। इस अवसर पर उपायुक्त राजेश्वरी बी ने पीएम आवास एवं राशन कार्ड को लेकर चिंता जाहिर करते हुए कहा कि समाज के संपन्न व्यक्ति गरीबों का हक छीनने में लगे हुए हैं। जिला प्रशासन ऐसे व्यक्तियों की निशानदेही कर शीघ्र ही कानूनी कार्रवाई करेगी। इस दौरान पीएम आवास के लाभुकों को गृह प्रवेश की चाबी पेंशन वन अधिकार पट्टा कृषि एवं सहकारिता विभाग द्वारा पंपसेट केसीसी ग्रीन कार्ड व महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा सुकन्या योजना मातृत्व वंदना एवं श्रवण यंत्र का वितरण किया गया। वही जे एस एल पीएस मत्स्य विभाग एवं श्रम विभाग द्वारा परिसंपत्तियों का वितरण किया गया।

Related Post