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Sun. Jan 11th, 2026

जनसंख्या समाधान फाउंडेशन की बैठक हुई सम्पन्न, आगामी कार्यक्रमों पर हुई चर्चा।

■ जनसँख्या नियंत्रण कानून आज के समय की मांग, नियंत्रण से लोगों का जीवन स्तर होगा बेहतर: कुणाल षाड़ंगी ■ बढ़ती जनसंख्या से सुविधाएं सिकुड़ रही, समस्याएं बढ़ रही: सुचिता 

जमशेदपुर। पिछले आठ वर्षों से देश में कठोर जनसंख्या कानून हेतु आंदोलनरत संस्था ‘जनसंख्या समाधान फाउंडेशन’ की बैठक शनिवार को सम्पन्न हुई। मानगो, दाईगुट्टू स्थित शिव मंदिर परिसर में संस्था के जिलाध्यक्ष प्रेम झा की अध्यक्षता में आयोजित बैठक में भाजपा प्रदेश प्रवक्ता सह पूर्व विधायक कुणाल षाड़ंगी, केंद्रीय मार्गदर्शक महंत स्वामी सीताराम शरण जी महाराज एवं प्रदेश संयोजक सह भाजपा प्रदेश महिला मोर्चा प्रवक्ता सुचिता सिंह शामिल हुई। अतिथियों ने द्वीप प्रज्वलित कर एवं भारत माता के चित्र पर पुष्प अर्पित कर कार्यक्रम की विधिवत शुभारंभ की। बैठक में महिलाओं और लोगों में जनसंख्या नियंत्रण के प्रति जागरूक करने व आगामी कार्यक्रम की रणनीति तैयार की गई। कार्यक्रम में बतौर अतिथि उपस्थित कुणाल षाडंगी ने जनसंख्या नियंत्रण को लेकर कानून बनाने के साथ ही महिलाओं और पूरे समाज को जागरूक करने की जरूरत पर बल दिया। उन्होंने कहा कि बढ़ती जनसंख्या पर अंकुश बिना देश का विकास संभव नहीं। नियंत्रित जनसंख्या से ही उपलब्ध आंतरिक संसाधनों का बेहतर इस्तेमाल हो सकता है और लोगों को बेहतर क्वालिटी लाईफ दी जा सकती है। श्री षाड़ंगी ने जनसंख्या नियंत्रण कानून को समय की मांग बताया।

बैठक को संबोधित करते हुए महंत श्री श्री 108 स्वामी सीताराम शरण जी महाराज, चित्रकूटधाम ने कहा कि

आज विश्व की जनसंख्या सात अरब से ज्यादा है। अकेले भारत की जनसंख्या लगभग 1 अरब 35 करोड़ के आसपास है। भारत विश्व का दूसरा सबसे अधिक जनसंख्या वाला देश है। आजादी के समय भारत की जनसंख्या 33 करोड़ थी जो आज चार गुना तक बढ़ गयी है। परिवार नियोजन के कमजोर तरीकों, अशिक्षा, स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता के अभाव, अंधविश्वास और विकासात्मक असंतुलन के चलते आबादी तेजी से बढ़ी है।

यदि जनसँख्या विस्फोट यूँ ही होता रहा तो लोगों के समक्ष रोटी कपड़ा और मकान की विकराल स्थिति उत्पन्न हो जाएगी। इससे बचने का एक मात्र उपाय यही है की हम येन केन प्रकारेण बढ़ती आबादी को रोकें।

फाउंडेशन की प्रदेश संयोजक सह प्रदेश भाजपा महिला मोर्चा की प्रवक्ता सुचिता सिंह ने कहा कि जनसंख्या वृद्धि एक नयी चुनौती बनकर हमारे सामने आई है जिसपर काबू पाने में सरकार को कठिनाई हो रही है। जनसंख्या वृद्धि के दुष्परिणाम देश को भोगने पड़ रहे हैं। अधिक जनसंख्या के कारण बेरोजगारी और स्वास्थ्य असुविधा की विकराल समस्या उत्पन्न हो गयी है। लोगों के आवास के लिए कृषि योग्य भूमि और जंगलों को उजाड़ा जा रहा है। उन्होंने कहा कि अगर जनसंख्या नियंत्रण कानून जल्द लागू नहीं की गई तो देश में गृहयुद्ध के हालात होंगे। बैठक को सम्पति देवी, रजनी कौर, सुनील सिंह समेत अन्य वक्ताओं ने संबोधित किया।

इस दौरान मुख्यरूप से राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के लखन सिंह, जिलाध्यक्ष प्रेम झा, हरेन्द्र सिंह, बंटी सिंह, आदित्य रंजन, हन्नी परिहार, उषा सिंह, रोहन श्रीवास्तव, बबलू सिंह, पीयूष ईशु, सुनील सिंह, लीना चौधरी, संगीता शर्मा समेत अन्य सदस्य व आमजन उपस्थित थे।

 

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