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*सोनुआ के बनुआ और सोनापोस गांव में पेयजल संकट, ग्रामीणों ने शुरू किया “पेयजल जन आंदोलन”*  *15 साल पहले बनी जलापूर्ति योजना अब तक नहीं हुई चालू, ग्रामीणों ने एक माह का दिया अल्टीमेटम* 

चाईबासा: पश्चिम सिंहभूम जिला के सोनुआ प्रखंड क्षेत्र के बनुआ और सोनापोस गांव के ग्रामीण आज भी पेयजल संकट से जूझ रहे हैं। आजादी के सात दशक बीत जाने के बाद भी दोनों गांवों में लोगों को पीने के पानी के लिए काफी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। ग्रामीणों का कहना है कि गांव में लगे कई चापाकल खराब हैं और उनसे पानी नहीं निकलता है। मजबूरी में ग्रामीणों को करीब दो किलोमीटर दूर जाकर पानी लाना पड़ता है।

ग्रामीणों के अनुसार करीब 15 वर्ष पहले गांव में जलापूर्ति योजना बनाई गई थी, लेकिन योजना अब तक धरातल पर शुरू नहीं हो सकी है। इससे लोगों की परेशानी लगातार बनी हुई है। पेयजल संकट को लेकर अब ग्रामीणों ने “पेयजल जन आंदोलन” शुरू कर दिया है।

इसी क्रम में क्षेत्र के युवा आजसू नेता अमित महतो और आजसू के विधानसभा प्रत्याशी रहे डॉ. दिनेश चंद्र बोयपाई के नेतृत्व में गांव में ग्रामसभा आयोजित की गई। ग्रामसभा में बड़ी संख्या में ग्रामीण शामिल हुए और पेयजल समस्या को लेकर चर्चा की गई।

बैठक के दौरान ग्रामीणों ने जिला उपायुक्त के नाम एक मांगपत्र तैयार किया। मांगपत्र में गांव में जल्द पेयजल व्यवस्था बहाल करने, खराब चापाकलों की मरम्मत कराने और अधूरी पड़ी जलापूर्ति योजना को शुरू करने की मांग की गई है।

ग्रामीणों ने जिला प्रशासन को एक महीने का समय देते हुए चेतावनी दी है कि यदि इस अवधि में पेयजल समस्या का समाधान नहीं किया गया तो ग्रामीण जिला और प्रखंड कार्यालय में आमरण अनशन करने को मजबूर होंगे।

ग्रामीणों ने कहा कि पानी जैसी मूलभूत सुविधा के लिए वर्षों से संघर्ष करना पड़ रहा है। गर्मी के दिनों में समस्या और बढ़ जाती है। प्रशासन से कई बार शिकायत करने के बाद भी अब तक स्थायी समाधान नहीं हो पाया है। ग्रामीणों ने जल्द कार्रवाई की मांग की है।

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