चाईबासा: जिले में मलेरिया, फाइलेरिया और अन्य वेक्टर जनित रोगों की रोकथाम एवं फाइलेरिया उन्मूलन कार्यक्रमों की प्रगति की समीक्षा को लेकर शुक्रवार को राज्य वीबीडी टीम की बैठक आयोजित की गई। बैठक में स्वास्थ्य विभाग द्वारा चलाए जा रहे विभिन्न कार्यक्रमों की समीक्षा करते हुए आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए।
फाइलेरिया उन्मूलन कार्यक्रम को गति देने के उद्देश्य से जिले में 20 जून से रात्रि रक्त पट्ट संग्रह (नाइट ब्लड सर्वे) अभियान शुरू किया जाएगा। इस अभियान के तहत जिले भर में करीब 13,500 लोगों के रक्त नमूने लिए जाएंगे। सर्वे का उद्देश्य समुदाय में फाइलेरिया संक्रमण की स्थिति का पता लगाना और उन्मूलन कार्यक्रम की प्रगति की निगरानी करना है। अभियान के सफल संचालन को लेकर संबंधित कर्मियों को प्रशिक्षण भी दिया गया।
उपायुक्त के निर्देशानुसार उलगुलान कार्यक्रम के तहत जिले में वार स्तर पर मलेरिया टेस्ट और ट्रीटमेंट गतिविधियों को संचालित करने पर जोर दिया गया।
बैठक में फाइलेरिया, मलेरिया, डेंगू और चिकनगुनिया जैसे वेक्टर जनित रोगों की प्रखंडवार समीक्षा की गई। राज्य वीबीडी सलाहकार विनय कुमार ने निर्देश दिया कि सभी बुखार के मरीजों की अनिवार्य रूप से मलेरिया जांच कराई जाए।
एपिडेमियोलॉजी विशेषज्ञ साज्ञा सिंह ने जिले में संचालित गतिविधियों का निरीक्षण कर आवश्यक सुझाव दिए। नीलम कुमारी ने बताया कि लोगों में जागरूकता बढ़ी है, लेकिन अभी भी व्यापक प्रचार-प्रसार की जरूरत है।
जिला वीबीडी पदाधिकारी डॉ. मीना कालुंडिया ने सभी वीबीडी प्रभारियों को निर्देश दिया कि 20 जून से पहले नाइट ब्लड सर्वे अभियान की सभी तैयारियां पूरी कर ली जाएं। साथ ही आईएचआईपी पोर्टल पर सभी रिपोर्ट 48 घंटे के अंदर अपलोड करने का निर्देश दिया गया।
पिरामल फाउंडेशन के प्रतिनिधि सुरजीत गोयल ने नाइट ब्लड सर्वे को लेकर प्रशिक्षण दिया और अभियान की कार्ययोजना पर चर्चा की।
बैठक में राज्य स्तरीय टीम के नीरज कुमार, मनीष कुमार (एफएलएन), रास रंजन, पिरामल फाउंडेशन एवं सिनी संस्था की टीम सहित सभी प्रखंडों के वीबीडी प्रभारी, एमटीएस और सिनी के प्रखंड समन्वयक उपस्थित थे।

