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पुरानी रंजिश में मिश्रा बगान में चली थी गोलियां, दो आरोपी हथियार समेत गिरफ्तार

जमशेदपुर। टेल्को थाना क्षेत्र के मिश्रा बगान में हाल ही में हुई फायरिंग की घटना का पुलिस ने खुलासा करते हुए दो मुख्य आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस ने गिरफ्तार आरोपियों के पास से देसी पिस्तौल, जिंदा कारतूस, खोखा और मोबाइल फोन बरामद किया है। मामले में पुलिस अब अन्य फरार आरोपियों की तलाश में लगातार छापेमारी कर रही है।

रविवार को आयोजित प्रेस वार्ता में सिटी एसपी ललित मीणा ने बताया कि इस संबंध में टेल्को थाना कांड संख्या 68/26 दिनांक 09 मई 2026 के तहत प्राथमिकी दर्ज की गई थी। घटना की गंभीरता को देखते हुए वरीय पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर पुलिस अधीक्षक नगर के नेतृत्व में एक विशेष छापेमारी दल का गठन किया गया था। टीम ने तकनीकी और मानवीय सूचना के आधार पर लगातार कार्रवाई करते हुए 09 और 10 मई की रात बिरसा मुंडा जेम्को से सलगाझुड़ी फाटक जाने वाली कच्ची सड़क के पास बिरसा मुंडा प्रतिमा के समीप स्थित एक झोपड़ी में छापेमारी की।

छापेमारी के दौरान पुलिस ने मामले के दो मुख्य आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। गिरफ्तार आरोपियों में 29 वर्षीय सोनू झा और 29 वर्षीय रितेश कुमार सिंह उर्फ पुचु शामिल हैं। तलाशी के दौरान पुलिस ने इनके पास से 7.65 बोर का एक देसी पिस्तौल, तीन जिंदा गोलियां, दो खोखा तथा एयरटेल सिम लगा एक रियलमी मोबाइल फोन बरामद किया।

पुलिस जांच में सामने आया है कि इस फायरिंग की जड़ पुरानी दुश्मनी थी। जानकारी के अनुसार करीब एक वर्ष पूर्व संदीप पांडेय द्वारा रितेश कुमार सिंह उर्फ फूयू के साथ मारपीट की गई थी, जिसमें उसका हाथ और पैर टूट गया था। इसी घटना का बदला लेने की नीयत से 08 मई 2026 की रात मिश्रा बगान इलाके में सोनू झा, रितेश कुमार सिंह और उनके अन्य साथियों ने मिलकर फायरिंग की वारदात को अंजाम दिया।

पूछताछ के दौरान आरोपी सोनू झा ने कई अहम खुलासे किए हैं। उसने पुलिस को बताया कि वह बिहार के सहरसा टाउन से अवैध हथियार खरीदकर जमशेदपुर लाता था और यहां विभिन्न लोगों को बेचता था। आरोपी ने यह भी स्वीकार किया कि उसने पूर्व में एक हथियार मनोज कुमार नामक व्यक्ति को बेचा था, जो हत्या के एक मामले में जेल जा चुका है।

पुलिस रिकॉर्ड के मुताबिक सोनू झा का आपराधिक इतिहास भी रहा है। उसके खिलाफ टेल्को थाना कांड संख्या 173/18 तथा बिष्टुपुर थाना कांड संख्या 32/25 पहले से दर्ज हैं। पुलिस अब इस मामले में शामिल अन्य फरार अपराधियों की पहचान और गिरफ्तारी के लिए लगातार अभियान चला रही है। अधिकारियों का कहना है कि शहर में अवैध हथियारों की सप्लाई नेटवर्क को भी खंगाला जा रहा है और इस मामले में आगे और भी खुलासे हो सकते हैं।

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