सिंहभूम चैंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री (SCCI) के अध्यक्ष श्री मनव केडिया ने कोल्हान क्षेत्र के औद्योगिक क्षेत्रों में वाणिज्यिक एलपीजी (Commercial LPG) की गंभीर कमी पर गहरी चिंता व्यक्त की है और जिला प्रशासन से इस विषय में तत्काल हस्तक्षेप की मांग की है।
श्री केडिया ने कहा कि कोल्हान क्षेत्र में बड़ी संख्या में सहायक (Ancillary) उद्योग कार्यरत हैं, जो देश की प्रमुख औद्योगिक इकाइयों जैसे Tata Motors, Tata Steel, Railways को महत्वपूर्ण उत्पाद एवं सेवाएं उपलब्ध कराते हैं। इन उद्योगों के उत्पादन कार्यों में वाणिज्यिक एलपीजी एक आवश्यक कच्चे माल के रूप में प्रयुक्त होती है।
इस संदर्भ में SCCI के मानद महासचिव श्री पुनीत कौंटिया ने कहा कि एलपीजी की अनियमित आपूर्ति के कारण छोटे एवं मध्यम उद्योगों की उत्पादन योजना पूरी तरह प्रभावित हो रही है। कई इकाइयों को उत्पादन घटाना पड़ रहा है, जिससे न केवल आर्थिक नुकसान हो रहा है, बल्कि श्रमिकों के रोजगार पर भी प्रतिकूल प्रभाव पड़ने की आशंका है।
वहीं, SCCI के उपाध्यक्ष (उद्योग) श्री हर्ष बंकेरवाल ने कहा कि यदि वाणिज्यिक एलपीजी की उपलब्धता जल्द सुनिश्चित नहीं की गई, तो कोल्हान क्षेत्र की औद्योगिक प्रतिस्पर्धात्मकता पर गंभीर असर पड़ेगा। उन्होंने कहा कि उद्योग पहले से ही बढ़ती लागत और वैश्विक अनिश्चितताओं का सामना कर रहे हैं, ऐसे में कच्चे माल की कमी स्थिति को और गंभीर बना रही है।
उन्होंने बताया कि मध्य पूर्व में चल रहे युद्ध के कारण उत्पन्न वैश्विक ऊर्जा संकट का सीधा प्रभाव एलपीजी की उपलब्धता पर पड़ा है। इसके परिणामस्वरूप कोल्हान क्षेत्र के उद्योगों को पर्याप्त मात्रा में वाणिज्यिक एलपीजी नहीं मिल पा रही है, जिससे उत्पादन गतिविधियां बाधित हो रही हैं और कई इकाइयों के समक्ष संचालन का संकट उत्पन्न हो गया है।
श्री केडिया ने यह भी कहा कि संबंधित सरकारी एजेंसियों द्वारा वाणिज्यिक उपभोक्ताओं के लिए एलपीजी आवंटन में 20 प्रतिशत तक वृद्धि कर इसे 70 प्रतिशत तक बढ़ाने के निर्देश दिए गए हैं, किंतु जमीनी स्तर पर इसका कोई प्रभाव देखने को नहीं मिल रहा है। उद्योगों को अब भी आवश्यक मात्रा में गैस की आपूर्ति नहीं हो रही है।
SCCI अध्यक्ष ने पूर्वी सिंहभूम एवं सरायकेला-खरसावां के उपायुक्तों से आग्रह किया है कि वे इस गंभीर समस्या का तत्काल संज्ञान लें और उद्योगों को प्राथमिकता के आधार पर पर्याप्त वाणिज्यिक एलपीजी की आपूर्ति सुनिश्चित करें। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि समय रहते इस समस्या का समाधान नहीं किया गया, तो छोटे एवं मध्यम उद्योगों का उत्पादन प्रभावित होगा, जिससे बड़े उद्योगों की आपूर्ति श्रृंखला बाधित हो सकती है और संपूर्ण औद्योगिक तंत्र पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ेगा।
उन्होंने यह भी जानकारी दी कि चैंबर को विभिन्न उद्योगों से इस संबंध में अनेक आवेदन प्राप्त हुए हैं, जिनमें एलपीजी की कमी के कारण उत्पादन प्रभावित होने की बात कही गई है। इन सभी पत्रों को संबंधित अधिकारियों को आवश्यक कार्रवाई हेतु प्रेषित किया गया है।
इसके अतिरिक्त, SCCI द्वारा इस विषय में संबंधित तेल कंपनियों के वरिष्ठ अधिकारियों को भी पत्र प्रेषित किया गया है, जिनमें श्री सौरव चंद्रा, महाप्रबंधक (LPG), इंडियन ऑयल कॉर्पोरेशन लिमिटेड, श्री समीर सिन्हा, एरिया मैनेजर (कंज्यूमर सेल्स), इंडियन ऑयल कॉर्पोरे, श्री अखिल पचौरी, क्षेत्रीय प्रबंधक, हिंदुस्तान पेट्रोलियम कॉर्पोरेशन लिमिटेड, रांची।
अंत में, श्री केडिया ने जिला प्रशासन एवं संबंधित तेल कंपनियों से समन्वय स्थापित कर इस समस्या का त्वरित समाधान निकालने की अपील की, ताकि कोल्हान क्षेत्र की औद्योगिक गतिविधियां सुचारु रूप से संचालित रह सकें।

