Breaking
Mon. Feb 16th, 2026

बहरागोड़ा में पांच बालू घाटों के संचालन की तैयारी तेज, ग्राम सभाओं में उठे स्थानीय मुद्दे

जमशेदपुर। पूर्वी सिंहभूम जिले के बहरागोड़ा प्रखंड अंतर्गत पांच बालू घाटों की नीलामी प्रक्रिया पूरी होने के बाद अब इनके संचालन को लेकर गतिविधियां तेज हो गई हैं। सोमवार को चयनित एजेंसी एमएस जी कंस्ट्रक्शन प्राइवेट लिमिटेड की ओर से संबंधित पंचायतों में ग्राम सभाएं आयोजित कर ग्रामीणों की राय ली गई और संचालन से जुड़े पहलुओं पर चर्चा की गई। बैठकों में विकास, रोजगार, पर्यावरण संरक्षण और यातायात व्यवस्था जैसे मुद्दों पर खुलकर विचार-विमर्श हुआ।

दिन भर चली प्रक्रिया के दौरान बनकटा तथा बरागाड़िया पंचायत के डीपा पाल बालू घाट क्षेत्र में ग्राम सभा सफलतापूर्वक संपन्न हुई, जहां ग्रामीणों और पंचायत प्रतिनिधियों ने अपनी सहमति जताई। हालांकि डोजुड़ीरी, नागुड़साईं और नेकड़ाडिहा पंचायतों में अपेक्षित संख्या में ग्रामीणों की उपस्थिति नहीं होने और अन्य कारणों से बैठक नहीं हो सकी। पंचायत प्रतिनिधियों ने बताया कि शेष पंचायतों में जल्द ही नई तिथि घोषित कर दोबारा ग्राम सभा बुलाई जाएगी, ताकि सभी पक्षों की राय दर्ज की जा सके।

बरागाड़िया पंचायत में आयोजित ग्राम सभा के दौरान ग्रामीणों ने स्पष्ट रूप से कहा कि बालू की ढुलाई गांव की मुख्य सड़कों से नहीं की जानी चाहिए। उनका कहना था कि भारी वाहनों की आवाजाही से सड़कें क्षतिग्रस्त होंगी और दुर्घटनाओं की आशंका बढ़ेगी। ग्रामीणों ने कंपनी से वैकल्पिक मार्ग तैयार करने, स्थानीय मजदूरों को प्राथमिकता देने और पर्यावरण मानकों का कड़ाई से पालन सुनिश्चित करने की मांग रखी। इस पर कंपनी प्रतिनिधियों ने भरोसा दिलाया कि पहले सर्वे कर उपयुक्त वैकल्पिक मार्ग चिह्नित किया जाएगा तथा स्थानीय युवाओं को रोजगार के अवसर प्रदान किए जाएंगे।

बनकटा पंचायत में आयोजित बैठक में मुखिया चैतन सिंह मुंडा, पंचायत सचिव, खनन विभाग के निरीक्षक एवं कंपनी के अधिकारी मौजूद रहे। अधिकारियों ने बताया कि टेंडर से जुड़ी राशि और अन्य तकनीकी बिंदुओं की जानकारी औपचारिक अधिसूचना जारी होने के बाद सार्वजनिक की जाएगी। प्रशासनिक स्तर पर यह भी स्पष्ट किया गया कि सभी कार्य सरकार के दिशा-निर्देशों और नियमों के अनुरूप ही संचालित किए जाएंगे।

कुल मिलाकर, बालू घाटों के संचालन से पहले प्रशासन, कंपनी और ग्रामीणों के बीच समन्वय बनाने की कोशिश जारी है, ताकि विकास कार्यों के साथ-साथ स्थानीय हितों और पर्यावरण संतुलन को भी सुरक्षित रखा जा सके।

Related Post