जमशेदपुर। पूर्वी सिंहभूम जिले के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र, चाकूलिया में मंगलवार को “परियोजना उल्लास” के तहत मिर्गी रोगियों की पहचान और उपचार के उद्देश्य से एक दिवसीय निःशुल्क विशेष जांच शिविर का आयोजन किया गया। उपायुक्त के निर्देशानुसार 03 फरवरी 2026 को आयोजित इस शिविर में कुल 139 मरीजों की स्क्रीनिंग कर उन्हें निःशुल्क दवा एवं परामर्श उपलब्ध कराया गया।
शिविर का निरीक्षण सिविल सर्जन डॉ. साहिर पाल ने किया और मरीजों को दी जा रही चिकित्सा सुविधाओं का जायजा लिया। उन्होंने स्वास्थ्यकर्मियों को निर्देश दिया कि मिर्गी सहित मानसिक रोगों से पीड़ित मरीजों को समय पर पहचान कर नियमित उपचार उपलब्ध कराया जाए, ताकि उनके जीवन स्तर में सुधार हो सके।
गौरतलब है कि स्वास्थ्य विभाग एवं जिला प्रशासन के संयुक्त प्रयास से मिर्गी रोगियों की पहचान, उपचार और उन्मूलन के लिए “परियोजना उल्लास” के तहत लगातार शिविरों का आयोजन किया जा रहा है। इससे पहले पहला शिविर अनुमंडल अस्पताल घाटशिला, दूसरा सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पटमदा और तीसरा शहरी क्षेत्र के टीकौषधि भंडार, जेल चौक, साकची में सफलतापूर्वक आयोजित किया जा चुका है। इसी क्रम में चाकूलिया सीएचसी में यह चौथा शिविर आयोजित किया गया।
इस शिविर का संचालन सिविल सर्जन डॉ. साहिर पाल तथा परियोजना उल्लास के नोडल पदाधिकारी सह जिला मानसिक स्वास्थ्य कार्यक्रम के नोडल पदाधिकारी डॉ. रंजीत कुमार पांडा के नेतृत्व में किया गया। शिविर में मरीजों को न केवल निःशुल्क स्क्रीनिंग और परामर्श दिया गया, बल्कि एक माह की दवा के साथ आने-जाने और भोजन की भी निःशुल्क व्यवस्था स्वास्थ्य विभाग द्वारा की गई।
परियोजना उल्लास को सफल बनाने में जिला कुष्ठ निवारण पदाधिकारी डॉ. रंजीत कुमार पांडा, प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी सीएचसी चाकूलिया डॉ. रंजीत कुमार मुर्मू, जिला मानसिक स्वास्थ्य विभाग के मनोचिकित्सक डॉ. दीपक कुमार गिरि सहित डॉ. महेश हेमब्रम, डॉ. सुकांता सीट, डॉ. फटिक पाल, डॉ. वी.आर.के. सिन्हा, डॉ. रोहित आनंद, डॉ. मंगेश दोराई तथा अन्य चिकित्सकों और स्वास्थ्यकर्मियों का सराहनीय योगदान रहा। इसके अलावा प्रखंड कार्यक्रम प्रबंधक, डीडीएम, डीपीसी, कंप्यूटर ऑपरेटर, सहिया साथी, सहियाओं एवं सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र चाकूलिया के समस्त पदाधिकारियों और कर्मचारियों ने भी सक्रिय भूमिका निभाई।

