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Sat. Feb 7th, 2026

कड़े सुरक्षा के बीच 17 मारे गए नक्सलियों के शवों का पोस्टमार्टम शुरू, शीर्ष नक्सलियों के नाम उजागर, भारी मात्रा में हथियार बरामद

चाईबासा। पश्चिमी सिंहभूम जिले के छोटानागरा थाना क्षेत्र के घने और दुर्गम जंगलों में ऑपरेशन मेघाबुरु के तहत सुरक्षा बलों के साथ हुई मुठभेड़ में मारे गए 17 नक्सलियों के शव शनिवार को चाईबासा सदर अस्पताल लाए गए, जहां कड़े सुरक्षा इंतजामों के बीच उनके शवों का पोस्टमार्टम शुरू कर दिया गया है। पोस्टमार्टम की पूरी प्रक्रिया मजिस्ट्रेट की निगरानी में वीडियो रिकॉर्डिंग के साथ कराई जा रही है, ताकि कार्रवाई पूरी तरह पारदर्शी और कानूनी रूप से निर्विवाद रहे।

प्रशासनिक जानकारी के अनुसार, एक साथ बड़ी संख्या में शवों के पोस्टमार्टम को देखते हुए सदर अस्पताल में कुल छह मेडिकल टीमों का गठन किया गया है। प्रत्येक शव के पोस्टमार्टम में तीन डॉक्टरों की टीम को लगाया गया है, जिससे प्रक्रिया को समयबद्ध और सुचारू तरीके से पूरा किया जा सके। पोस्टमार्टम के दौरान मजिस्ट्रेट के साथ अन्य वरिष्ठ प्रशासनिक पदाधिकारी भी मौजूद हैं और पूरी प्रक्रिया पर लगातार नजर रखी जा रही है।

सदर अस्पताल परिसर और पोस्टमार्टम हाउस के आसपास अभूतपूर्व सुरक्षा व्यवस्था की गई है। लगभग 50 मीटर के दायरे में बैरिकेडिंग कर पूरे इलाके को सील कर दिया गया है। कानून-व्यवस्था बनाए रखने और किसी भी अप्रिय स्थिति से निपटने के उद्देश्य से आम लोगों के साथ-साथ मीडिया कर्मियों के प्रवेश पर भी पूर्ण प्रतिबंध लगाया गया है। पोस्टमार्टम हाउस के अंदर और बाहर पुलिस तथा होमगार्ड के जवानों की तैनाती की गई है, जो हर गतिविधि पर कड़ी नजर बनाए हुए हैं।

पुलिस के अनुसार, ऑपरेशन मेघाबुरु के दौरान मारे गए नक्सलियों में संगठन के कई शीर्ष और सक्रिय कैडर शामिल हैं। इनमें अनल उर्फ पतिराम मांझी, अनमोल उर्फ सुशांत, अमित मुंडा, पिंटू लोहारा, लालजीत उर्फ लालू, समीर सोरेन, रापा उर्फ पावेल, राजेश मुंडा, बुलबुल अलदा, बबिता, पूर्णिमा, सूरजमुनी, जोंगा, सोमबारी पूर्ति, सोमा होनहागा, मुक्ति होनहागा और सरिता शामिल हैं। इनमें कई नक्सली ऐसे थे, जिन पर झारखंड, ओडिशा और एनआईए द्वारा लाखों से लेकर करोड़ों रुपये तक के इनाम घोषित थे और वे दर्जनों गंभीर नक्सली मामलों में वांछित थे।

पुलिस द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार, मारे गए नक्सलियों के पास से भारी मात्रा में हथियार और गोला-बारूद बरामद किए गए हैं। बरामद हथियारों में चार एके और एकेएम राइफल, चार इंसास राइफल, तीन एसएलआर, तीन तीन सौ तीन राइफल, बड़ी संख्या में कारतूस तथा नक्सलियों द्वारा उपयोग में लाए जाने वाले अन्य दैनिक सामान शामिल हैं। पुलिस का कहना है कि यह बरामदगी नक्सलियों की बड़ी हिंसक साजिशों को नाकाम करने में महत्वपूर्ण साबित हुई है।

उल्लेखनीय है कि पश्चिमी सिंहभूम जिला लंबे समय से नक्सल गतिविधियों से प्रभावित रहा है। नक्सल उन्मूलन के उद्देश्य से जिले में लगातार सघन अभियान चलाए जा रहे हैं। पिछले तीन वर्षों में अब तक 183 नक्सलियों को गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में भेजा जा चुका है, जबकि विभिन्न मुठभेड़ों में कुल 28 नक्सली मारे गए हैं। 22 और 23 जनवरी 2026 को ऑपरेशन मेघाबुरु के दौरान 17 नक्सलियों का मारा जाना माओवादी संगठन के लिए एक बड़ा झटका माना जा रहा है।

प्रशासन का मानना है कि ऑपरेशन मेघाबुरु के बाद सारंडा और आसपास के क्षेत्रों में नक्सल गतिविधियों में उल्लेखनीय कमी आएगी। झारखंड पुलिस ने नक्सल गतिविधियों में शामिल लोगों से अपील की है कि वे राज्य सरकार की आत्मसमर्पण एवं पुनर्वास नीति का लाभ उठाकर हिंसा का रास्ता छोड़ें और समाज की मुख्यधारा से जुड़ें।

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