लोहरदगा: कुड़ू प्रखंड क्षेत्र में जंगली हाथियों का उत्पात लगातार बढ़ता जा रहा है। कोकर और चंदलासो गांवों में फसलों को भारी नुकसान पहुंचाने के बाद अब हाथियों का आतंक कुड़ू से सटे चान्हो प्रखंड तक फैल गया है। मंगलवार की देर रात झुंड से बिछड़े तीन जंगली हाथियों ने चान्हो प्रखंड के होंनहे गांव में जमकर तांडव मचाया, जिससे पूरे गांव में अफरा-तफरी का माहौल बन गया। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, मध्य रात्रि अचानक हाथियों का झुंड गांव में घुस आया। हाथियों ने होंनहे गांव के आयजु मिंज, अमृत मिंज और तारा मिंज के घरों को निशाना बनाते हुए उन्हें बुरी तरह क्षतिग्रस्त कर दिया। हाथियों ने घरों में रखे धान, अनाज, राशन और घरेलू सामान को पूरी तरह नष्ट कर दिया। अचानक हुए इस हमले से ग्रामीण जान बचाकर इधर-उधर भागने को मजबूर हो गए। घटना के बाद गांव में चीख-पुकार और भय का माहौल व्याप्त हो गया। सूचना मिलते ही आसपास के ग्रामीण भी सतर्क हो गए। साहस का परिचय देते हुए ग्रामीणों ने ट्रैक्टर, तेज आवाज और रोशनी की मदद से काफी मशक्कत के बाद हाथियों को गांव से बाहर खदेड़ने में सफलता पाई।हालांकि, हाथियों के जाने के बाद भी लोग रात भर दहशत में रहे। इस हाथी आतंक से न केवल होंनहे गांव बल्कि कुड़ू और चान्हो प्रखंड के दर्जनों गांवों में भय का वातावरण बना हुआ है। ग्रामीणों का कहना है कि हाथियों का झुंड कभी भी दोबारा हमला कर सकता है, जिससे जान-माल की बड़ी क्षति की आशंका बनी हुई है। पीड़ित परिवारों ने जिला प्रशासन और वन विभाग से शीघ्र मुआवजा देने, हाथियों की नियमित निगरानी कराने तथा स्थायी समाधान निकालने की मांग की है। ग्रामीणों ने वन विभाग से प्रभावित क्षेत्रों में गश्ती बढ़ाने, अलर्ट सिस्टम मजबूत करने और हाथियों को सुरक्षित जंगल की ओर खदेड़ने की ठोस व्यवस्था करने की अपील की है।

