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Sat. Feb 7th, 2026

रेल सिविल डिफेंस का विंटर ट्रेनिंग कैंप, नवनियुक्त सहायक लोको पायलटों को आपदा प्रबंधन और सीपीआर का दिया गया प्रशिक्षण

जमशेदपुर। रेल यात्रियों और रेलवे परिसरों की सुरक्षा को और अधिक सुदृढ़ करने के उद्देश्य से टाटानगर रेल सिविल डिफेंस द्वारा विंटर प्रशिक्षण शिविर सीजन-टू का आयोजन बुधवार को किया गया। इस शिविर के तहत दक्षिण पूर्व रेलवे रिक्रूटमेंट बोर्ड रांची, हावड़ा, मालदा और कोलकाता से चयनित नवनियुक्त सहायक लोको पायलटों को आपदा राहत, जीवन रक्षक तकनीक और अग्निशमन का व्यापक प्रशिक्षण दिया गया। यह प्रशिक्षण दक्षिण पूर्व रेलवे के इलेक्ट्रिक लोको पायलट प्रशिक्षण केंद्र, टाटानगर में संपन्न हुआ।

प्रशिक्षण सत्र के दौरान सिविल डिफेंस इंस्पेक्टर संतोष कुमार ने डिजिटल माध्यम और पीपीटी के जरिए हार्ट अटैक और कार्डियक अरेस्ट के बीच अंतर को स्पष्ट किया तथा सीपीआर देने की सही प्रक्रिया को विस्तार से समझाया। उन्होंने बताया कि ठंड के मौसम में हार्ट अटैक से होने वाली मौतों में लगभग 50 प्रतिशत तक की वृद्धि देखी जाती है, जिसका प्रमुख कारण ठंड में रक्त वाहिकाओं का सिकुड़ना और रक्त का गाढ़ा हो जाना है। उन्होंने यह भी कहा कि भारत में लगभग 30 प्रतिशत आबादी हाई ब्लड प्रेशर और करीब 12 प्रतिशत आबादी डायबिटीज से पीड़ित है, जो हृदय रोगों के खतरे को बढ़ाता है।

संतोष कुमार ने भारत सरकार द्वारा हृदय रोग से होने वाली मौतों को कम करने के लिए किए जा रहे प्रयासों की जानकारी देते हुए बताया कि आयुष्मान भारत योजना के तहत बेहतर इलाज की सुविधा, जन औषधि केंद्रों के माध्यम से सस्ती दवाइयां तथा गोल्डन आवर में दिए जाने वाले जीवन रक्षक इंजेक्शन जैसे टेनेक्टेप्लेस और स्ट्रेप्टोकिनेस स्वास्थ्य केंद्रों में निःशुल्क उपलब्ध कराए जा रहे हैं। उन्होंने कार्डियक अरेस्ट के लक्षणों में अचानक बेहोशी, सांस रुक जाना और नाड़ी का न चलना बताया, जबकि हार्ट अटैक के प्रमुख लक्षणों में सीने में दर्द या दबाव, सांस लेने में परेशानी और हाथ, कंधे या पीठ में दर्द शामिल हैं। साथ ही उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि अंग कटे हुए व्यक्ति और पेसमेकर लगे व्यक्ति को सीपीआर नहीं दिया जाता है।

प्रशिक्षण शिविर के दूसरे सत्र में डेमोस्ट्रेटर शंकर कुमार प्रसाद ने प्रशिक्षण केंद्र परिसर में फायर फाइटिंग का व्यावहारिक अभ्यास कराया। इस दौरान एलपीजी गैस लीकेज से उत्पन्न आग को बुझाने की विभिन्न तकनीकों का प्रदर्शन किया गया, जिससे प्रतिभागियों को वास्तविक परिस्थितियों में त्वरित और सुरक्षित कार्रवाई करने का अनुभव मिल सके।

इस विंटर प्रशिक्षण शिविर में रेलवे रिक्रूटमेंट बोर्ड कोलकाता, मालदा और रांची से आए कुल 450 नवनियुक्त सहायक लोको पायलटों ने भाग लिया। प्रशिक्षण के दौरान केंद्र के सभी वरीय और कनिष्ठ अनुदेशक उपस्थित रहे। शिविर के दौरान सहायक लोको पायलटों में सुरक्षा, संरक्षा और आपदा प्रबंधन को लेकर विशेष गंभीरता और उत्साह देखने को मिला, जो भविष्य में रेलवे संचालन को और अधिक सुरक्षित बनाने में सहायक सिद्ध होगा।

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