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Fri. Feb 6th, 2026

रांची के बाद अब चतरा में ‘लापता’ हुई मासूम: 20 दिन, 480 घंटे, पर मुन्नी का कोई सुराग नहीं!

खाकी पर उठे सवाल: 10 दिन तक क्यों सोई रही गिद्धौर पुलिस? ड्रोन भी फेल, परिजनों का टूट रहा धैर्य!

चतरा : झारखंड की राजधानी रांची में दो बच्चियों के लापता होने का मामला अभी सुलझा ही था कि अब चतरा जिले से एक ऐसी ही दिल दहला देने वाली खबर सामने आ रही है। गिद्धौर थाना क्षेत्र के गंगापुर गांव से 14 वर्षीय मासूम मुन्नी कुमारी उर्फ रानू कुमारी पिछले 20 दिनों से रहस्यमयी परिस्थितियों में लापता है। पुलिस की तमाम तकनीकों और ड्रोन कैमरों के बावजूद नतीजा ‘शून्य’ है, जिससे अब पुलिस की कार्यप्रणाली पर भी गंभीर सवाल खड़े होने लगे हैं। घटना की शुरुआत 28 दिसंबर 2025 को हुई थी। निर्मल राणा की 14 वर्षीय पुत्री मुन्नी कुमारी बड़े चाव से घर के पास ही दोस्तों के साथ पिकनिक मनाने के लिए निकली थी। परिवार को लगा था कि बेटी शाम तक घर लौट आएगी और उसकी हंसी से घर चहकेगा, लेकिन वह शाम कभी नहीं आई। जब मुन्नी रात तक घर नहीं लौटी, तो परिजनों के हाथ-पांव फूल गए। ग्रामीणों के सहयोग से दो दिनों तक चप्पा-चप्पा छाना गया, लेकिन मुन्नी का कहीं कोई सुराग नहीं मिला। परिजनों का आरोप है कि उन्होंने 31 दिसंबर को ही गिद्धौर थाना में लिखित आवेदन देकर अपनी बेटी की सुरक्षित बरामदगी की गुहार लगाई थी। लेकिन, आरोप के मुताबिक पुलिस ने शुरुआती 10 दिनों तक मामले को ठंडे बस्ते में डाले रखा। परिजनों का कहना है कि पुलिस ने 10 जनवरी के बाद सक्रियता दिखानी शुरू की। सवाल यह है कि लापता होने के शुरुआती और सबसे महत्वपूर्ण 10 दिनों में पुलिस आखिर किसका इंतजार कर रही थी? क्या पुलिस की यह ‘देरी’ मुन्नी की सुरक्षा के लिए खतरा बन गई है? मामला गर्माने के बाद अब पुलिस हरकत में आई है। इलाके के सघन जंगलों और पहाड़ियों को देखते हुए आधुनिक तकनीक का सहारा लिया जा रहा है। पुलिस ड्रोन कैमरों के जरिए चप्पे-चप्पे पर नजर रख रही है और कई टीमें तलाशी अभियान में जुटी हैं। लेकिन 20 दिन बीत जाने के बाद भी मुन्नी का न मिलना किसी बड़ी अनहोनी की ओर इशारा कर रहा है। मुन्नी के पिता निर्मल राणा और उनकी माँ की आँखों के आंसू सूख चुके हैं। घर में सन्नाटा पसरा है और पूरा गांव इस घटना से सहमा हुआ है। परिजनों का कहना है कि रांची की घटना की तरह यहाँ भी कोई गिरोह तो सक्रिय नहीं? वे बस अपनी लाडली की सुरक्षित वापसी की भीख मांग रहे हैं।

*बड़ा सवाल:* क्या ड्रोन और आधुनिक तकनीक सिर्फ कागजों और दिखावे के लिए हैं? अगर पुलिस समय रहते जाग जाती, तो शायद आज मुन्नी अपने माता-पिता की गोद में होती। आखिर कब तक चतरा की बेटियां ऐसे ही गायब होती रहेंगी?

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