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Fri. Feb 6th, 2026

राँची में बच्चा चोर गिरोह का बड़ा खुलासा, 12 मासूम बरामद, 15 गिरफ्तार; गुलगुलिया गैंग का अंतरराज्यीय नेटवर्क बेनकाब

राँची।राजधानी राँची में झारखंड पुलिस को बड़ी कामयाबी हाथ लगी है। वर्षों से सक्रिय एक संगठित बच्चा चोर गिरोह का पर्दाफाश करते हुए पुलिस ने 12 अपहृत बच्चों को सकुशल बरामद किया है, जबकि गिरोह के 15 सदस्यों को गिरफ्तार किया गया है। इसके अलावा करीब दो दर्जन संदिग्धों को हिरासत में लेकर गहन पूछताछ की जा रही है। यह खुलासा धुर्वा थाना परिसर में आयोजित प्रेसवार्ता के दौरान राँची के वरीय पुलिस अधीक्षक राकेश रंजन ने  किया।

एसएसपी राकेश रंजन ने बताया कि यह पूरा मामला धुर्वा थाना क्षेत्र के शालीमार मैदान से 2 जनवरी 2026 को करीब तीन बजे रहस्यमय तरीके से लापता हुए दो मासूम बच्चों अंश कुमार (उम्र लगभग 5 वर्ष) और अंशिका कुमारी (उम्र लगभग 4 वर्ष) से जुड़ा है। बच्चों के पिता सुनील कुमार राय के लिखित आवेदन पर धुर्वा थाना कांड संख्या 01/26 दर्ज कर तत्काल कार्रवाई शुरू की गई। झारखंड के पुलिस महानिदेशक सह पुलिस महानिरीक्षक के निर्देश पर राँची ग्रामीण पुलिस अधीक्षक, नगर पुलिस अधीक्षक और यातायात पुलिस अधीक्षक के नेतृत्व में एक विशेष जांच टीम (SIT) का गठन किया गया।

SIT ने राँची सहित अन्य जिलों और सीमावर्ती राज्यों में बड़े पैमाने पर छापेमारी अभियान चलाया। इसी क्रम में रामगढ़ जिले से अंश और अंशिका को सकुशल बरामद किया गया। आगे की पूछताछ में इस कांड के पीछे एक संगठित और सुनियोजित गिरोह के सक्रिय होने का खुलासा हुआ, जिसकी पहचान “गुलगुलिया गैंग” के रूप में हुई है। पुलिस के अनुसार यह गिरोह पिछले करीब दस वर्षों से बच्चा चोरी के धंधे में लिप्त रहा है।

जांच में सामने आया कि इस गिरोह के सदस्य झारखंड के विभिन्न हिस्सों से बच्चों का अपहरण कर उन्हें अलग-अलग इलाकों में छुपाकर रखते थे। सत्यापन के दौरान कोठार (रामगढ़), बरियातू (लातेहार) और सिल्ली (राँची) से लाए गए कई किशोर एवं किशोरियों के अपहरण की पुष्टि हुई। अब तक सिल्ली से 5, कोठार से 3 और बरियातू से 4 बच्चों के अपहरण की पुष्टि की जा चुकी है। कुल मिलाकर 12 बच्चों को बरामद किया गया है।

एसएसपी ने बताया कि बरामद बच्चों को पूर्व में बोकारो, धनबाद, चाईबासा, लोहरदगा और राँची से चोरी किया गया था। आरोपियों ने स्वीकार किया है कि कुछ बच्चों का अपहरण दो से तीन वर्ष पूर्व किया गया था। पूछताछ में यह भी सामने आया कि गिरोह ने कुछ बच्चों को बिहार के औरंगाबाद जिले और पश्चिम बंगाल में बेच दिया था। अन्य बच्चों के संबंध में सत्यापन और जांच की प्रक्रिया अभी जारी है।

पुलिस के अनुसार यह गिरोह बच्चों से भीख मंगवाने, पॉकेटमारी कराने और चोरी की गई बच्चियों को देह व्यापार में धकेलने जैसे गंभीर अपराधों में शामिल रहा है। इसके अलावा पुलिस को आशंका है कि इस गिरोह का संबंध मानव अंगों की तस्करी से भी हो सकता है। इस एंगल पर भी पुलिस की तफ्तीश जारी है।

बरामद सभी बच्चों को फिलहाल धुर्वा थाना में सुरक्षित रखा गया है। उनके परिजनों की तलाश की जा रही है और पहचान सुनिश्चित करने के लिए जरूरत पड़ने पर डीएनए जांच भी कराई जाएगी। एसएसपी ने कहा कि बच्चों को उनके वास्तविक परिवारों से मिलाना पुलिस की सर्वोच्च प्राथमिकता है।

इस मामले में कुल 15 अभियुक्तों को गिरफ्तार किया गया है, जिनमें पुरुष और महिलाएं दोनों शामिल हैं। गिरफ्तार आरोपियों में रामगढ़, लातेहार, राँची और पुरुलिया (पश्चिम बंगाल) के रहने वाले लोग शामिल हैं। इनमें से दो अभियुक्तों को पहले ही गिरफ्तार कर पुलिस रिमांड पर लिया गया है। आरोपियों के पास से एक मारुति सुजुकी कार (निबंधन संख्या JH24L-8382) सहित अन्य आपत्तिजनक सामग्री भी बरामद की गई है।

एसएसपी राकेश रंजन ने स्पष्ट किया कि इस कांड में और भी अभियुक्तों के शामिल होने की संभावना है और आने वाले दिनों में और गिरफ्तारियां हो सकती हैं। साथ ही अन्य अपहृत बच्चों की बरामदगी को लेकर भी पुलिस लगातार छापेमारी कर रही है। उन्होंने कहा कि झारखंड पुलिस बच्चों की सुरक्षा को लेकर पूरी तरह प्रतिबद्ध है और इस तरह के जघन्य अपराधों में शामिल किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा।

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