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Thu. Feb 5th, 2026

अपहृत कैरव गांधी के घर पहुंचे रक्षा राज्य मंत्री संजय सेठ, बोले– झारखंड में कानून-व्यवस्था पूरी तरह फेल

जमशेदपुर। तीन दिनों से अपहृत उद्यमी सह एसिया उपाध्यक्ष देवांग गांधी के पुत्र कैरव गांधी के मामले ने तूल पकड़ लिया है। शुक्रवार को रक्षा राज्य मंत्री संजय सेठ खुद कैरव गांधी के आवास बिष्टुपुर स्थित सीएच एरिया पहुंचे और परिजनों से मुलाकात कर पूरे घटनाक्रम की जानकारी ली। इस दौरान उन्होंने परिवार को भरोसा दिलाया कि केंद्र सरकार इस मामले को गंभीरता से देख रही है और कैरव गांधी की सुरक्षित बरामदगी हर हाल में सुनिश्चित की जाएगी।

परिजनों से बातचीत के बाद रक्षा राज्य मंत्री संजय सेठ ने मीडिया से बात करते हुए झारखंड की कानून-व्यवस्था पर कड़ा प्रहार किया। उन्होंने कहा कि राज्य में लॉ एंड ऑर्डर पूरी तरह से फेल हो चुका है। ऐसी घटनाएं यह साबित करती हैं कि झारखंड में कारोबारी, उद्योगपति और आम लोग खुद को सुरक्षित महसूस नहीं कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि एक तरफ मुख्यमंत्री विदेशों में जाकर झारखंड में निवेश और उद्योग लगाने का न्योता दे रहे हैं, वहीं दूसरी ओर राज्य के बड़े कारोबारी परिवारों के बच्चे तक सुरक्षित नहीं हैं।

संजय सेठ ने जिला पुलिस और प्रशासन को स्पष्ट निर्देश दिया कि कैरव गांधी को अविलंब खोजकर सकुशल बरामद किया जाए। उन्होंने कहा कि अपहरण जैसे गंभीर मामले में किसी भी तरह की लापरवाही स्वीकार्य नहीं होगी। जरूरत पड़े तो जांच के लिए अतिरिक्त संसाधन और तकनीकी सहायता भी ली जाए, लेकिन परिणाम जल्द सामने आना चाहिए।

उन्होंने यह भी कहा कि कैरव गांधी की गुमशुदगी के बाद जिस तरह से विदेश से फोन कर पांच करोड़ रुपये की फिरौती मांगे जाने की बात सामने आई है, वह बेहद गंभीर मामला है। इससे साफ है कि अपराधियों के हौसले बुलंद हैं। ऐसे मामलों में सख्त और त्वरित कार्रवाई की जरूरत है ताकि अपराधियों में कानून का डर पैदा हो।

कैरव गांधी के अपहरण की घटना को लेकर जमशेदपुर के व्यापारिक, औद्योगिक और सामाजिक संगठनों में भी भारी चिंता और आक्रोश देखा जा रहा है। लोग प्रशासन से जल्द से जल्द कैरव की सुरक्षित वापसी की मांग कर रहे हैं। फिलहाल पुलिस कई बिंदुओं पर जांच कर रही है और अलग-अलग टीमों के माध्यम से अपहरण, फिरौती कॉल और संभावित ठिकानों की गहन छानबीन की जा रही है।

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