चतरा : झारखंड के चतरा जिले से इस वक्त की बड़ी खबर आ रही है, जहाँ सिमरिया थाना क्षेत्र में जंगली हाथी के आतंक से ग्रामीण सहमे हुए हैं। बीती रात बानासाडी पंचायत के इचाक खुर्द, रोल और पुंडरा गांव में झुंड से बिछड़े एक हाथी ने जमकर उत्पात मचाया। हाथी ने न केवल लोगों के घरों को निशाना बनाया, बल्कि किसानों की मेहनत पर भी पानी फेर दिया है।सिमरिया में गजराज के क्रोध का आलम यह रहा कि हाथी ने तारकेश्वर दांगी और सेवा भुइयां के मकानों को बुरी तरह क्षतिग्रस्त कर दिया। वहीं पूषन गंझू, चिंटू गंझू और कोसमी देवी के घरों के दरवाजे तोड़कर अंदर रखा सारा अनाज चट कर गया। ग्रामीणों के अनुसार, हाथी घर में रखे चावल और धान को खाने के बाद खेतों की ओर निकल गया। सिर्फ घर ही नहीं, हाथी ने किसानों की साल भर की कमाई यानी फसलों को भी तहस-नहस कर दिया। लगभग दो एकड़ में लगी आलू, सरसों, मटर और गन्ने की फसलें पूरी तरह बर्बाद हो गई हैं। खेतों में लगे केले के पौधों को भी हाथी ने रौंद डाला है। इस तबाही से स्थानीय किसानों को लाखों रुपये का आर्थिक नुकसान हुआ है।फिलहाल, गांव में दहशत का माहौल है और लोग रात-रात भर जागकर पहरा देने को मजबूर हैं। ग्रामीणों ने वन विभाग और स्थानीय प्रशासन से मुआवजे की मांग की है और हाथी को क्षेत्र से भगाने के लिए ठोस पहल करने की अपील की है। हाथियों के लगातार बढ़ते हमले अब चतरा के ग्रामीणों के लिए जान-माल का खतरा बन गए हैं। देखना होगा कि वन विभाग इस नुकसान की भरपाई कब तक करता है।
चतरा में ‘गजराज’ का तांडव: सिमरिया के कई गांवों में हाथियों ने मचाया उत्पात, घर तोड़े, फसलें रौंदी

