लोहरदगाः लोहरदगा जिले के कुड़ू थाना क्षेत्र के अति सुदूरवर्ती खम्हार बहेरा भंडार गांव में रविवार सुबह एक दर्दनाक हादसे ने पूरे गांव को दहला दिया है। अपने बच्चों के लिए चावल जुटाने निकली 37 वर्षीय पुनम देवी की जिंदगी महज कुछ पलों में ही खत्म हो गई। धान छटाई के दौरान उनकी साड़ी मशीन में फंस गई, जिससे उनका गला कस गया और मौके पर ही उनकी दर्दनाक मौत हो गई। घटना सुबह करीब 8 बजे की बताया जा रहा है, जब पुनम देवी घर में खाने के लिए चावल नहीं होने पर घर से धान लेकर पास के खम्हार बहेरा भंडार निवासी अशोक गंझू के घर धान छटाई कराने पहुंची थीं। जहां पर महिला के साथ उनका 13 वर्षीय पुत्र अमित गंझू भी साथ में था। इस बीच जब मां-बेटा मिलकर धान की छटाई कर रहे थे कि अचानक पुनम देवी की साड़ी मशीन के बेल्ट में फंस गई। कुछ ही सेकंड में साड़ी के साथ उनका गला मशीन में कस गया। बेटा अमित ने शोर मचाया, लेकिन जब तक लोग दौड़कर मशीन बंद करते, और महिला को बचा पाते तब तक बहुत देर हो चुकी थी। हादसे के बाद पूरे गांव में मातम छा गया। इधर कुड़ू थाना पुलिस को घटना की सूचना दी गई, जिसके बाद पुलिस मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए लोहरदगा सदर अस्पताल भेज दिया। पुनम देवी के पति स्वर्गीय सुरेश गंझू का निधन पहले ही हो चुका था। अब पुनम देवी और सुरेश गंझू के तीनों बच्चे 13 वर्षीय अमित गंझू, 10 वर्षीय चांदमुनी कुमारी और 4 वर्षीय अमरीत गंझू अनाथ हो गए हैं। मां की मौत के बाद बच्चों का रो-रोकर बुरा हाल है। गांव वालों की आंखें नम हैं और हर कोई यही कह रहा है कि किस्मत ने इन मासूमों के सिर से मां-बाप दोनों का साया छीन लिया। गांव के लोग प्रशासन से इन बच्चों के लिए मदद और देखभाल की गुहार लगा रहे हैं। स्थानीय ग्रामीणों का कहना है कि गरीब परिवार की महिला रोजाना मेहनत-मजदूरी कर अपने बच्चों का पेट पाल रही थी, लेकिन अब यह हादसा बच्चों के जीवन में अंधकार छोड़ गया है। यह हादसा फिर एक बार ग्रामीण इलाकों में धान छटाई मशीनों की सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़ा करता है। अगर मशीनों के संचालन के दौरान थोड़ी सावधानी बरती जाती, तो शायद यह अनहोनी टल सकती थी।
बीडीओ अरूण उरांव ने ये कहा
धान छटाई के दौरान महिला की हुई दर्दनाक मौत पर जिला और प्रखंड प्रशासन पूरी तरह से मामले को गंभीरता से संज्ञान में लिया है। उपायुक्त डॉ ताराचंद के निर्देश पर तत्काल बीडीओ अरूण उरांव सदर अस्पताल लोहरदगा पहुंचे और पूरे वस्तु स्थिति से अवगत हुए। बीडीओ अरूण उरांव ने कहा कि बड़ी बेटी को सावित्रीबाई फुले योजना का लाभ दिलाई जाएगी। साथ ही कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालय में नामांकन करा दिया जाएगा और दो बच्चों को भी सरकारी स्कूलों में नामांकन कराया जाएगा। बीडीओ अरूण उरांव ने कहा कि फिलहाल मृतका के बच्चों को पारिवारिक योजना के तहत 20 हजार रूपये का आर्थिक सहायता दी गई, एवं जनवितरण प्रणाली दुकान से राशन मुहैया कराई गई है और दोनों छोटे बच्चों को आंगनबाड़ी से टैग कर माॅनिटरिंग किया जाएगा। साथ ही सरकारी प्रावधान के तहत योजनाओं का समुचित लाभ दिया जाएगा।

