इंसानियत को झकझोर देने वाली घटना, ममता हुई शर्मसार*
गोइलकेरा: इंसानियत को झकझोर देने वाली और ममता को शर्मसार करने वाली एक हृदयविदारक घटना गोइलकेरा प्रखंड क्षेत्र से सामने आई है। शनिवार की सुबह गर्ल्स स्कूल के पीछे मछुआ टोली के पास झाड़ियों में एक नवजात शिशु रोता-बिलखता मिला। बताया जाता है कि किसी कलयुगी मां ने अपने ही मासूम को बरगद के पेड़ के नीचे झाड़ियों में फेंक दिया था।
सुबह जब आसपास के लोगों ने बच्चे की किलकारियां सुनीं तो मौके पर पहुंचकर उन्होंने देखा कि झाड़ियों में एक नवजात पड़ा हुआ है। तुरंत ही स्थानीय लोग सक्रिय हुए और बच्चे को सुरक्षित बाहर निकाला। इस दौरान मोहल्ले के ही रमेश भुइयां और उनकी पत्नी सुजाता भुइयां ने इंसानियत का परिचय देते हुए बच्चे को गोद में उठा लिया और उसके पालन-पोषण की जिम्मेदारी स्वयं लेने का निर्णय लिया।
स्थानीय लोगों के अनुसार, नवजात को किसी ने शुक्रवार देर रात झाड़ियों में छोड़ दिया था। चमत्कार यह रहा कि ठंडी रात और झाड़ियों में पड़े रहने के बावजूद बच्चा पूरी तरह स्वस्थ है। फिलहाल बच्चे की देखभाल रमेश भुइयां के परिवार द्वारा की जा रही है।
घटना की सूचना स्थानीय प्रशासन को दे दी गई है, वहीं बच्चे को लावारिस हालत में छोड़ने वाली महिला का अब तक कोई सुराग नहीं मिल सका है। इस घटना से पूरे क्षेत्र में लोगों में गहरा आक्रोश और संवेदना दोनों देखने को मिल रही है।

