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Thu. Mar 5th, 2026

नरवा पहाड़ के ठेका मजदूरों ने झारखंड राज्य के शिक्षा मंत्री रामदास सोरेन से मिलकर एक ज्ञापन सौंपते हुए अपनी समस्याएं रखीं।

झारखंड सरकार के शिक्षा मंत्री सह जिला अध्यक्ष रामदास सोरेन को झारखंड ठेका मजदूर यूनियन नारवा के सदस्यों के द्वारा घोड़ा बड़ा पहुंचकर एक लिखित ज्ञापन सोपा गया । ज्ञापन में कहा गया कि नरवा माइंस के अंतर्गत 34 ठेका कार्य इकाई है। जहां पर लगभग 400 ठेका मजदूर कार्यरत है। वह मजदूर माइंस से विस्थापित गांव, हरतोपा,मुर्गाघुटु, राजदोहा,पाथर चकडी एवं प्रभावित गांवों के स्थाई निवासी हैं।,मौजूदा समय में ( 8) ठेका इकाइयों की रि-टेंडर प्रक्रिया में विलंब के कारण वह सभी इकाई बंद है। जिसके फलस्वरूप वहां काम कर रहे मजदूर 120 की संख्या में विगत दो/तीन या चार माह से अपने कार्य से वंचित बेरोजगार होकर बैठे हैं | प्रत्येक दिन मजदूर इस उम्मीद में माइस मेन गेट आते हैं, शायद की आज अपना साइड का काम शुरू होगा लेकिन महीना बीत जाने के बावजूद माइंस प्रबंधक कोई सकारात्मक पहल नहीं किया है ।बेरोजगार मजदूर काम की तलाश में भटक रहे हैं,उनके परिवार आर्थिक तंगी से जूझ रहे हैं। अंतत: मजदूर झारखंड ठेका मजदूर यूनियन के बैनर तले विगत 4 मार्च 2025 से प्रथम चरण का आंदोलन में नरवा – जादूगोड़ा यूरेनियम अयस्क हाइवा धुलाई परिचालन को रोका गया। फिर भी कंपनी किसी तरह का कोई पहल नहीं किया तो द्वितीय चरण आंदोलन में 10 मार्च 2025 से माइंस के अंतर्गत 34 ठेका कार्य इकाइयों में कार्यरत मजदूर उन 120 बेरोजगार मजदूर के समर्थन में अनिश्चितकाल हड़ताल पर चले गए हैं। इसी तरह 15 दिन बीत जाने के बाद धालभूम अनुमंडल पदाधिकारी, पूर्वी सिंहभूम कार्यालय में त्रिपक्षीया वार्ता होता है। उक्त बैठक में माइस प्रबंधक (4) इकाई खोलने की बात कहते हैं। जिसमें से (1) रेगुलर टेंडर एवं (3) शार्ट टेंडर के तहत 84 मजदूरों को रोजगार देने की बात कही है । लेकिन विडंबना यह है मंत्री महोदय आपको जानकारी देना चाहेंगे कि वह (3) इकाइयों में कार्यरत मजदूर शॉर्ट टेंडर के तहत केवल डेढ़ माह काम करने के बाद पुनः बेरोजगार होकर बैठेंगे। क्योंकि शॉर्ट टेंडर 56 दिन का है। रोटेशन में 15 – 15 दिन मजदूर काम करेंगे लेकिन उक्त इकाई का रेगुलर टेंडर डेढ़ माह बाद भी शुरू नहीं होगा और (8) में से बचे चार इकाइयों का काम कब शुरू होगा कोई आता पता नहीं है। इसी तरह से मजदूर सालों भर झंझट में रहते हैं,12 माह में तीन/चार माह बेरोजगार रहते हैं वही माइस प्रबंधन विस्थापितो को परमानेंट काम तो नहीं दे रहा है, अब ठेका काम भी नहीं मिल है |अतः शिक्षा मंत्री से निवेदन किया गया कि CMD स्तर में वार्ता की पहल किया जाए ताकि ठेका मजदूरों को 12 माह काम मिलता रहे एवं माइंस में औद्योगिक शांति बने रहे ।इसके लिए ठेका मजदूर आपका सदा आभारी रहेंगे|इस मौके पर अध्यक्ष सुधीर सोरेन, उपाध्यक्ष बलिया मुर्मू, महासचिव विद्यासागर दास, कोषाध्यक्ष विशू बास्के, लव किशोर मारड़ी, सुनील हसदा , फूरलई मारड़ी, राजीव देव, विकास महतो, दीपक सिंह, दशरथo हंसदा कंदरा जूहू आदि उपस्थित रहे।

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