चंदवा में सुहागिनों ने की वट सावित्री पूजा
चंदवा संवाददाता मुकेश कुमार सिंह की रिपोर्ट
चंदवा। अमर सुहाग की कामना के साथ चंदवा में सुहागिनों ने प्यार श्रद्धा व समर्पण के पर्व वट सावित्री की पूजा की। सुहागिन महिलाएं अहले सुबह से ही दैनिक कार्यों के संपादन के बाद स्नान व सोलह श्रृंगार कर बांस की टोकरी तथा पंखा लेकर वटवृक्ष के समीप पहुंची।
ब्रहमा भगवान के साथ-साथ पतिव्रता सावित्री और सत्यवान की मूर्ति स्थापित कर ब्राह्मणों के वैदिक मंत्रोच्चार के बीच पूजा अर्चना की। वटवृक्ष के जड़ में जल अर्पण किया। मौली व सूत के धागे को वृक्ष पर लपेटकर वट वृक्ष की परिक्रमा की। सामर्थ्य के अनुसार ब्राह्मणों को दान-दक्षिणा भी दिया।
पं. श्रद्धानंद पाठक उर्फ रावण बाबा, प्रेम कथा सुनाई।
बताया कि इस व्रत को करने से पति की लंबी आयु के साथ सुख-समृद्धि की प्राप्ति होती है। वट वृक्ष की पूजा और संरक्षण से पर्यावरण संरक्षण को बल मिलता है। पूजन और सत्यवान-सावित्री के कथा श्रवण के बाद घर पहुंच सुहागिनों ने पूजा किए हुए पंखे से पति को हवा दी। शहर के अन्य ग्रामीण इलाकों में भी सुहागिन महिलाएं वटवृक्ष की पूजा करते दिखीं। कुछ महिलाओं ने मंदिर परिसर में तो कुछ ने घर के गमले में वट के पौधे की पूजा-अर्चना कर अमर सुहाग और सुख-समृद्धि का आशीष मांगा।।
