जमशेदपुर। डिमना बस्ती में गहराते पेयजल संकट को लेकर स्थानीय लोगों का असंतोष अब आंदोलन का रूप लेने लगा है। वर्षों से पानी की समस्या झेल रहे बस्तीवासियों ने इसके स्थायी समाधान के लिए आर-पार की लड़ाई लड़ने का निर्णय लिया है। सोमवार को जन विकास मंच के अध्यक्ष सह पूर्व विधानसभा प्रत्याशी सौरभ विष्णु की अध्यक्षता में हुई बैठक में पहले चरण में एक हजार लोगों को एकजुट कर जोरदार विरोध प्रदर्शन करने का निर्णय लिया गया। इसके बाद भी समस्या का समाधान नहीं हुआ तो व्यापक जनआंदोलन शुरू किया जाएगा।
बैठक में बड़ी संख्या में शामिल हुए स्थानीय निवासियों ने अपनी परेशानियां साझा करते हुए कहा कि डिमना बस्ती में लंबे समय से पेयजल की गंभीर समस्या बनी हुई है। बार-बार शिकायत और आश्वासन के बावजूद स्थिति में कोई सुधार नहीं हुआ है। पानी की किल्लत के कारण लोगों को रोजमर्रा के कामकाज में काफी कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। विशेषकर महिलाओं को पानी की व्यवस्था करने के लिए दूर-दराज के क्षेत्रों का चक्कर लगाना पड़ता है।
बैठक में जनप्रतिनिधियों के प्रति भी लोगों ने नाराजगी जाहिर की। उनका कहना था कि चुनाव के समय सभी राजनीतिक दल और प्रत्याशी बस्ती में पानी की समस्या दूर करने का भरोसा देते हैं, लेकिन चुनाव समाप्त होते ही उनके वादे भी भुला दिए जाते हैं।
समस्या के समाधान के लिए बैठक में सौरभ विष्णु की पहल पर ‘डिमना बस्ती जल विकास समिति’ का गठन किया गया। समिति बस्तीवासियों की मांगों को संबंधित विभागों और जिला प्रशासन तक पहुंचाने के साथ पेयजल संकट के स्थायी समाधान के लिए संगठित प्रयास करेगी।
सौरभ विष्णु ने कहा कि वर्षों पुरानी पानी की समस्या को अब और नजरअंदाज नहीं किया जा सकता। अपने अधिकारों के लिए बस्ती के लोगों को एकजुट होकर आवाज उठानी होगी। बैठक में सर्वसम्मति से तय किया गया कि पहले एक हजार लोगों के साथ प्रदर्शन कर प्रशासन का ध्यान आकृष्ट कराया जाएगा। इसके बावजूद पेयजल संकट दूर नहीं हुआ तो बड़े पैमाने पर आंदोलन किया जाएगा।
बैठक में सुमन शर्मा, बप्पी दत्ता, सनातन टुड्डू, विजय कुमार, विकास महतो, धनु मांझी, कालीपद गोप, भोलानाथ हांसदा, निर्मल प्रामाणिक, रेखा दत्ता और मीरा देवी समेत बड़ी संख्या में बस्तीवासी उपस्थित थे।

