रांची: स्मार्टफोन बाजार में ग्राहकों के भरोसे को मजबूत बनाने के लिए एआई+ स्मार्टफोन अपने प्रोडक्ट्स और सर्विस में लगातार बदलाव कर रही है। कंपनी का कहना है कि ग्राहकों के रिव्यू, फोन इस्तेमाल करने के अनुभव और आफ्टर-सेल्स सर्विस के दौरान मिलने वाले फीडबैक के आधार पर कैमरे की स्थिरता, कनेक्टिविटी और परफॉर्मेंस से जुड़ी समस्याओं को दूर करने के लिए काम किया जा रहा है। इसके तहत सॉफ्टवेयर अपडेट, बेहतर टेस्टिंग और कस्टमर सपोर्ट की प्रक्रिया में सुधार पर ध्यान दिया जा रहा है।
कंपनी के मुताबिक, ग्राहकों से मिलने वाले सुझावों को प्रोडक्ट डेवलपमेंट से लेकर सर्विस सपोर्ट तक की प्रक्रिया में शामिल किया जा रहा है। इसका उद्देश्य न केवल मौजूदा स्मार्टफोन के अनुभव को बेहतर बनाना है, बल्कि आने वाले डिवाइस को भी ग्राहकों की जरूरतों के अनुरूप तैयार करना है।
अलग-अलग स्मार्टफोन मॉडल्स को मिल रही सकारात्मक प्रतिक्रिया
एआई+ स्मार्टफोन के विभिन्न मॉडल्स को उनके डिजाइन, कैमरा, बैटरी, परफॉर्मेंस और कीमत के लिए ग्राहकों से अच्छी प्रतिक्रिया मिली है। कंपनी के अनुसार, नोवा 2 नियो 5जी को इसकी बैटरी परफॉर्मेंस और किफायती कीमत के लिए पसंद किया गया है। वहीं, नोवा 2 पावर 5जी को ओवरऑल अनुभव और ड्यूल-टोन डिजाइन, खासकर ब्लू फ्यूजन कलर के लिए सराहना मिली है।
इसी तरह, नोवा 2 अल्ट्रा 5जी को फोटोग्राफी, परफॉर्मेंस और एमोलेड डिस्प्ले के लिए सकारात्मक प्रतिक्रिया मिली है। नोवा 2 5जी और नोवा 2 प्रो 5जी को उनके ओवरऑल अनुभव और कीमत के मुकाबले मिलने वाले फीचर्स के लिए पसंद किया गया है। कंपनी के पल्स सीरीज के एआई+ पल्स 2 स्मार्टफोन को भी बैटरी, डिस्प्ले और डिजाइन के लिए सराहना मिली है।
कैमरा और कनेक्टिविटी से जुड़ी समस्याओं पर काम
ग्राहकों की सकारात्मक प्रतिक्रियाओं के साथ कंपनी उन पहलुओं पर भी ध्यान दे रही है, जहां सुधार की जरूरत महसूस की गई है। इनमें कैमरे की स्थिरता, कनेक्टिविटी और फोन की परफॉर्मेंस से जुड़ी समस्याएं शामिल हैं। कंपनी के अनुसार, ग्राहकों से मिली जानकारी को प्रोडक्ट और टेक्निकल टीमों के साथ साझा किया जाता है, ताकि समस्याओं की पहचान कर उनके समाधान पर काम किया जा सके।
इस प्रक्रिया के तहत ओवर-द-एयर (ओटीए) अपडेट और सॉफ्टवेयर में जरूरी बदलाव किए जा रहे हैं। कंपनी ने बताया कि नोवा 2 अल्ट्रा 5जी में कैमरे की स्थिरता बेहतर बनाने के लिए सॉफ्टवेयर अपडेट जारी किए गए हैं। इसके अलावा, ग्राहकों से मिले फीडबैक को नए स्मार्टफोन की डिजाइनिंग, प्रोडक्ट रिव्यू और लॉन्च से पहले की टेस्टिंग में भी शामिल किया जा रहा है।
लॉन्च से पहले फोन की स्वतंत्र जांच की पहल
एआई+ स्मार्टफोन ने प्रोडक्ट की गुणवत्ता और पारदर्शिता को बेहतर बनाने के उद्देश्य से ‘प्रोजेक्ट ओपन रिव्यू’ पहल भी शुरू की है। इसके तहत बाहरी लोगों को स्मार्टफोन बाजार में लॉन्च होने से पहले उसकी जांच करने और अपने सुझाव देने के लिए आमंत्रित किया जाता है।
कंपनी के मुताबिक, इस पहल के लिए अब तक 1,000 से अधिक लोग रजिस्ट्रेशन करा चुके हैं। इनमें रिव्यूअर्स, कंटेंट क्रिएटर्स, पत्रकार, टेक्नोलॉजी में रुचि रखने वाले लोग और एथिकल हैकर्स शामिल हैं।
इस पहल के जरिए कंपनी को फोन के इस्तेमाल और उसकी कार्यक्षमता को लेकर स्वतंत्र प्रतिक्रिया मिलती है। इन सुझावों के आधार पर लॉन्च से पहले संभावित समस्याओं की पहचान करने और जरूरी सुधार करने में मदद मिलती है। कंपनी का मानना है कि प्रोडक्ट की जांच की इस प्रक्रिया से ग्राहकों का भरोसा मजबूत करने और टेक्नोलॉजी के विकास में पारदर्शिता बढ़ाने में मदद मिलेगी।
ग्राहकों के फीडबैक से आफ्टर-सेल्स सर्विस में सुधार
स्मार्टफोन के अनुभव को बेहतर बनाने के साथ कंपनी आफ्टर-सेल्स सर्विस पर भी ध्यान दे रही है। इसके लिए ग्राहकों की शिकायतों को ट्रैक करने, कस्टमर सपोर्ट और टेक्निकल टीमों के बीच तालमेल बढ़ाने तथा समस्याओं के समाधान की प्रक्रिया को बेहतर बनाने पर काम किया जा रहा है।
कंपनी के अनुसार, नए स्मार्टफोन लॉन्च होने से पहले संभावित तकनीकी समस्याओं की पहचान के लिए अलग-अलग स्तर पर टेस्टिंग की जाती है। इसके साथ ही, सर्विस के दौरान ग्राहकों से बातचीत में सामने आने वाली सॉफ्टवेयर संबंधी समस्याओं को भी दूर करने की कोशिश की जाती है।
स्पेयर पार्ट्स की कमी के कारण यदि किसी फोन की मरम्मत में देरी होती है, तो जरूरत और उपलब्धता के आधार पर ग्राहक को वैकल्पिक हैंडसेट देने का विकल्प भी अपनाया जाता है। इसका उद्देश्य मरम्मत के दौरान ग्राहकों को होने वाली असुविधा को कम करना है।
सोशल मीडिया पर शिकायतों की निगरानी, तीन से चार दिन में समाधान का लक्ष्य
ग्राहकों की समस्याओं पर तेजी से कार्रवाई करने के लिए एआई+ स्मार्टफोन ने सोशल मीडिया पर मिलने वाले फीडबैक और शिकायतों को संभालने की प्रक्रिया में भी बदलाव किए हैं। कंपनी की अलग-अलग टीमें सोशल मीडिया पर आने वाले मैसेज, कमेंट्स और कंपनी को टैग करने वाली पोस्ट पर नजर रखती हैं।
शिकायत सामने आने के बाद संबंधित टीम ग्राहकों की समस्या को समझने, जरूरी मामलों को प्राथमिकता देने और कस्टमर सर्विस टीम के साथ समन्वय स्थापित करने का काम करती है। इस प्रक्रिया में ग्राहकों से सीधे संपर्क करना, उन्हें शिकायत की स्थिति के बारे में समय-समय पर जानकारी देना और समाधान होने तक मामले की निगरानी करना शामिल है।
कंपनी का लक्ष्य है कि समस्या की प्रकृति और स्पेयर पार्ट्स की उपलब्धता को ध्यान में रखते हुए ज्यादातर सर्विस शिकायतों का समाधान तीन से चार दिनों के भीतर किया जाए।
सर्विस के अनुभव से भी भविष्य के फैसले लेने की तैयारी
एआई+ स्मार्टफोन सर्विस से जुड़ी शिकायतों का समाधान होने के बाद ग्राहकों के अनुभव पर आधारित वीडियो तैयार करने की योजना भी बना रही है। इसके जरिए यह समझने की कोशिश की जाएगी कि ग्राहक सर्विस से कितने संतुष्ट हैं और किन क्षेत्रों में अभी सुधार की गुंजाइश है।
कंपनी के मुताबिक, प्रोडक्ट रिव्यू, सर्विस फीडबैक और ग्राहकों के अनुभवों से मिलने वाली जानकारी का इस्तेमाल सपोर्ट सिस्टम को बेहतर बनाने और शिकायतों के समाधान में लगने वाला समय कम करने के लिए किया जाएगा। साथ ही, इन सुझावों को भविष्य के स्मार्टफोन और सर्विस से जुड़े फैसलों में भी शामिल किया जाएगा।
ग्राहकों की भागीदारी को अहमियत देने पर जोर
इस संबंध में एआई+ स्मार्टफोन के ब्रांड, मार्केटिंग और ग्रोथ हेड आर्ची गोगोई ने कहा कि बेहतर टेक्नोलॉजी विकसित करने के लिए उन लोगों की बात सुनना जरूरी है, जो रोजाना उसका इस्तेमाल करते हैं। उनके मुताबिक, ग्राहकों के सुझावों से कंपनी को यह समझने में मदद मिलती है कि कौन-से पहलू बेहतर काम कर रहे हैं और किन क्षेत्रों में बदलाव की जरूरत है।
उन्होंने कहा कि सॉफ्टवेयर अपडेट, प्रोडक्ट टेस्टिंग और आफ्टर-सेल्स सपोर्ट में ग्राहकों से मिली जानकारी के आधार पर सुधार करना कंपनी की प्राथमिकता है। कंपनी चाहती है कि ग्राहकों को यह भरोसा रहे कि एआई+ के प्रोडक्ट्स और सेवाओं को बेहतर बनाने में उनकी राय की महत्वपूर्ण भूमिका है।
कंपनी अपने स्मार्टफोन पोर्टफोलियो का विस्तार करने के साथ ग्राहकों के फीडबैक को अपनी कार्यप्रणाली का हिस्सा बनाए रखने पर जोर दे रही है। ऐसे में सॉफ्टवेयर अपडेट, लॉन्च से पहले स्वतंत्र जांच और आफ्टर-सेल्स सर्विस में सुधार के जरिए ग्राहकों के अनुभव को बेहतर बनाने की उसकी रणनीति आने वाले समय में अहम होगी।

