चाईबासा: गहन पुनरीक्षण कार्यक्रम के तहत नोटिस और सुनवाई से जुड़े मामलों को लेकर जिला निर्वाचन पदाधिकारी-सह-उपायुक्त मनीष कुमार की अध्यक्षता में मंगलवार को राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों के साथ बैठक हुई। बैठक में उप निर्वाचन पदाधिकारी बंधन लॉन्ग समेत विभिन्न राजनीतिक दलों के प्रतिनिधि मौजूद रहे।
बैठक में जिला निर्वाचन पदाधिकारी ने नो मैपिंग और अन्य विसंगतियों के कारण मतदाताओं को जारी नोटिस के संबंध में जानकारी दी। उन्होंने कहा कि नोटिस प्राप्त मतदाताओं को आवश्यक दस्तावेज उपलब्ध कराने में प्रशासन की ओर से सहयोग दिया जाएगा, ताकि पात्र मतदाताओं के नाम नियमानुसार मतदाता सूची में सुरक्षित और सत्यापित रह सकें।
बताया गया कि नोटिस प्राप्त मतदाताओं से संबंधित बीएलओ अब घर-घर जाकर आवश्यक दस्तावेज प्राप्त करेंगे। इन दस्तावेजों को निर्वाचन आयोग के ऑनलाइन तंत्र और बीएलओ ऐप पर अपलोड किया जाएगा। इसके बाद संबंधित मामलों का सत्यापन कर नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। मतदाता स्वयं भी आवश्यक दस्तावेज उपलब्ध करा सकते हैं। इसके लिए भारत निर्वाचन आयोग के मतदाता सेवा पोर्टल का उपयोग किया जा सकता है।
प्रशासन ने स्पष्ट किया कि नोटिस मिलने पर मतदाताओं को घबराने की जरूरत नहीं है। उन्हें निर्धारित प्रक्रिया के तहत आवश्यक दस्तावेज के साथ अपना पक्ष प्रस्तुत करना है। रैन बसेरों में रहने वाले लोगों, मजदूरों, गरीब, बेघर और अन्य वंचित वर्गों तक भी प्रक्रिया की जानकारी पहुंचाने पर जोर दिया गया।
इसी क्रम में 10 अक्टूबर को जिले में विशेष शिविर आयोजित किए जाएंगे। शिविरों में नोटिस प्राप्त मतदाताओं को दस्तावेज जमा करने और प्रक्रिया पूरी करने में सहयोग दिया जाएगा। संबंधित अधिकारियों और कर्मियों को आवश्यक मार्गदर्शन और सुविधा उपलब्ध कराने का निर्देश दिया गया है।
मनीष कुमार ने कहा कि मतदाता सूची का सत्यापन और शुद्धिकरण महत्वपूर्ण प्रक्रिया है। इसका उद्देश्य मतदाता सूची को अद्यतन और त्रुटिरहित बनाना है। उन्होंने राजनीतिक दलों से पात्र मतदाताओं को आवश्यक दस्तावेज उपलब्ध कराने में सहयोग करने की अपील की।
बैठक में कांग्रेस से त्रिशानु राय, भाजपा से रंजन प्रसाद, बहुजन समाज पार्टी से जेम्स हेम्ब्रम, झारखंड मुक्ति मोर्चा से कैसर परवेज और आजसू पार्टी से चन्द्र मोहन सिंकु समेत संबंधित पदाधिकारी एवं राजनीतिक दलों के प्रतिनिधि उपस्थित थे।

