जमशेदपुर। कदमा के शास्त्रीनगर ब्लॉक नंबर चार में रविवार की सुबह ऐसा दर्दनाक मंजर था, जिसने पूरे इलाके को झकझोर दिया। 24 वर्षीय विनय कुमार राय की मां ने शनिवार को बेटे की लंबी उम्र और सलामती की कामना को लेकर निर्जला जितिया व्रत रखा था। उन्हें क्या पता था कि व्रत के पारण के बाद जिस बेटे के चेहरे को देखने की उम्मीद थी, उसके सामने उसका पार्थिव शरीर होगा। रविवार सुबह विनय का शव वियतनाम से उसके पैतृक घर पहुंचा तो मां लग्न देवी अपने बेटे को देखते ही बेसुध हो गईं। बेटे के चेहरे को सहलाते हुए वह बार-बार यही कहती रहीं, “बेटा, तुम्हारे लिए उपवास किया है, उठ जाओ।” मां की यह चीख सुनकर आसपास मौजूद लोगों की आंखें भी नम हो गईं।
कदमा निवासी रमेश राय के पुत्र विनय कुमार राय करीब दो वर्ष पहले योग शिक्षा का प्रशिक्षण पूरा करने के बाद रोजगार के सिलसिले में वियतनाम गए थे। बताया गया कि 25 सितंबर की रात बारिश के दौरान वह अपने दोस्त राजा कुमार, जो रांची का रहने वाला था, के साथ स्कूटी से लौट रहे थे। इसी दौरान सड़क पर स्कूटी फिसल गई और सामने से आ रही ओमनी कार से उनकी जोरदार टक्कर हो गई। हादसे में विनय और राजा दोनों की मौत हो गई।
दुर्घटना की जानकारी मिलने के बाद शव को भारत लाने की प्रक्रिया शुरू की गई। सांसद विद्युत वरण महतो, केंद्रीय रक्षा राज्य मंत्री संजय सेठ और विदेश मंत्री एस. जयशंकर की पहल के बाद विनय का पार्थिव शरीर शनिवार देर रात जमशेदपुर लाया गया। रात में शव को टाटा मुख्य अस्पताल के शवगृह में रखा गया। रविवार सुबह एंबुलेंस से शव शास्त्रीनगर स्थित घर पहुंचा तो परिवार में चीख-पुकार मच गई।
विनय के पिता रमेश राय और परिवार के अन्य सदस्य भी गम में डूब गए। शव के अंतिम दर्शन के लिए बड़ी संख्या में स्थानीय लोग घर पहुंचे। इसके बाद शोकाकुल माहौल में अंतिम यात्रा निकाली गई और बिष्टुपुर स्थित पार्वती घाट पर विनय का अंतिम संस्कार किया गया। जितिया के दिन मां की आंखों के सामने बेटे की अंतिम विदाई ने पूरे इलाके को गहरे शोक में डुबो दिया।

