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*कानून की जानकारी ही सुरक्षा की पहली सीढ़ी : रवि चौधरी*

चाईबासा : झारखंड राज्य विधिक सेवा प्राधिकार (झालसा), रांची के निर्देशानुसार और प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश सह जिला विधिक सेवा प्राधिकार के अध्यक्ष मौहम्मद शाकिर के मार्गदर्शन में मारवाड़ी हिंदी मध्य विद्यालय (रुंगटा स्कूल) में विद्यार्थियों के लिए विधिक जागरूकता शिविर आयोजित किया गया। शिविर में बच्चों को उनके अधिकारों और कानून से जुड़ी महत्वपूर्ण जानकारी दी गई।

जिला विधिक सेवा प्राधिकार के सचिव रवि चौधरी ने विद्यार्थियों को बाल विवाह प्रतिषेध अधिनियम 2006, मोटर यान अधिनियम, सड़क दुर्घटनाओं से बचाव, शिक्षा का महत्व और पोक्सो कानून के तहत अच्छे स्पर्श और बुरे स्पर्श के बारे में जानकारी दी। उन्होंने कहा कि कानून की जानकारी ही सुरक्षा की पहली सीढ़ी है।

रवि चौधरी ने बच्चों को नैतिक मूल्यों और शिक्षा के महत्व के बारे में भी बताया। उन्होंने रोचक कहानी के माध्यम से विद्यार्थियों को उच्च शिक्षा और बेहतर सोच के लिए प्रेरित किया। इस दौरान विद्यार्थियों ने कई सवाल पूछकर अपनी जिज्ञासा भी रखी।

कार्यक्रम में अधिकार मित्र विकास दोदराजका ने स्पॉन्सरशिप योजना और शिक्षा का अधिकार अधिनियम 2009 की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि मुश्किल परिस्थितियों में रह रहे बच्चों को सरकार की स्पॉन्सरशिप योजना के तहत प्रतिमाह 4000 रुपये की सहायता दी जाती है, ताकि उनकी पढ़ाई बाधित न हो। उन्होंने जरूरतमंद बच्चों की सहायता के लिए चाइल्ड हेल्पलाइन 1098 की जानकारी भी दी।

पैनल अधिवक्ता अजीत विश्वकर्मा ने विद्यार्थियों को मौलिक अधिकार, निःशुल्क विधिक सहायता और बाल संरक्षण कानूनों के बारे में बताया। उन्होंने कहा कि किसी भी कानूनी समस्या, छेड़छाड़ या शोषण की स्थिति में डालसा कार्यालय, चाईबासा से संपर्क कर निःशुल्क कानूनी सहायता प्राप्त की जा सकती है।

शिविर में विद्यार्थियों को अपने अधिकारों के प्रति जागरूक रहने और डालसा की ओर से उपलब्ध निःशुल्क विधिक सेवाओं का लाभ उठाने के लिए प्रेरित किया गया। इस अवसर पर अधिकार मित्र रत्ना चक्रवर्ती, नीतू सार, स्वाति मुखर्जी, संगीता देवी और विद्यालय के प्रधानाचार्य निर्मल त्रिपाठी उपस्थित रहे।

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