चाईबासा : विश्व रेबीज दिवस-2026 के अवसर पर सोमवार को सदर अस्पताल चाईबासा में रेबीज की रोकथाम और पशुजनित रोगों से बचाव को लेकर जागरूकता रैली निकाली गई। रैली के माध्यम से लोगों को रेबीज से बचाव, पशु के काटने पर प्राथमिक उपचार और समय पर चिकित्सकीय उपचार लेने के प्रति जागरूक किया गया।
रैली को सिविल सर्जन डॉ. मीणा कलुण्डिया, सदर अस्पताल उपाधीक्षक डॉ. शिवचरण हांसदा, जिला कुष्ठ निवारण पदाधिकारी डॉ. मीनू कुमारी तथा जिला मलेरिया पदाधिकारी सह राष्ट्रीय रेबीज नियंत्रण कार्यक्रम के नोडल पदाधिकारी डॉ. जगन्नाथ हेम्ब्रम ने हरी झंडी दिखाकर रवाना किया।
रैली के दौरान स्वास्थ्य विभाग के पदाधिकारियों और कर्मचारियों ने लोगों को बताया कि कुत्ते या किसी अन्य संक्रमित पशु के काटने अथवा खरोंच लगने पर लापरवाही नहीं बरतनी चाहिए। ऐसी स्थिति में घाव को तत्काल साबुन और स्वच्छ बहते पानी से अच्छी तरह धोना चाहिए। इसके बाद बिना देर किए नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र पहुंचकर चिकित्सकीय सलाह और आवश्यक उपचार लेना जरूरी है।
कार्यक्रम के दौरान स्वास्थ्य विभाग के पदाधिकारियों और प्रतिभागियों ने रेबीज जागरूकता की शपथ भी ली। शपथ में समुदाय के लोगों को रेबीज से बचाव के उपायों की जानकारी देने, पशु के काटने पर अपनाए जाने वाले प्राथमिक उपचार के बारे में जागरूक करने, हानिकारक पारंपरिक उपचार पद्धतियों से बचने तथा समय पर चिकित्सकीय उपचार लेने के लिए प्रेरित करने का संकल्प लिया गया।
स्वास्थ्य विभाग की ओर से बताया गया कि रेबीज गंभीर बीमारी है, लेकिन समय पर उचित सावधानी और उपचार से इससे बचाव संभव है। पशु के काटने या खरोंच लगने के बाद तत्काल प्राथमिक उपचार करना और चिकित्सकीय सलाह लेना जरूरी है। समय पर उपचार मिलने से बीमारी के गंभीर परिणामों से बचाव किया जा सकता है।
जिला प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग ने लोगों से अपील की कि वे स्वयं जागरूक रहें और अपने परिवार तथा आसपास के लोगों को भी रेबीज की रोकथाम के प्रति जागरूक करें। पशु के काटने के बाद तत्काल उपचार और टीकाकरण के महत्व की जानकारी लोगों तक पहुंचाने के साथ पशुओं के प्रति संवेदनशील व्यवहार अपनाने की भी अपील की गई।

