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त्योहारों से पहले वंदे भारत में नशे की बड़ी खेप बरामद, 42.68 किलो गांजा जब्त

कोलकाता। त्योहारों के मौसम को देखते हुए ट्रेनों के माध्यम से मादक पदार्थों की तस्करी रोकने के लिए रेलवे सुरक्षा बल की ओर से चलाए जा रहे विशेष अभियान में बड़ी सफलता मिली है। सांतरागाछी रेलवे यार्ड में आरपीएफ की टीम ने पुरी-हावड़ा वंदे भारत एक्सप्रेस के एक कोच से 42.680 किलोग्राम संदिग्ध गांजा बरामद किया है। जब्त मादक पदार्थ की अनुमानित कीमत करीब 21.34 लाख रुपये आंकी गई है। हालांकि, तलाशी के दौरान गांजा ले जाने वाला कोई व्यक्ति मौके पर नहीं मिला।

आरपीएफ अधिकारियों के अनुसार 23 सितंबर को आरपीएफ पोस्ट सांतरागाछी-सी और सीआईबी/आरपीएफ/शालीमार की संयुक्त टीम ने अधिकारियों की निगरानी में सांतरागाछी यार्ड में विशेष जांच और तलाशी अभियान शुरू किया था। इसी दौरान ट्रेन संख्या 22896 पुरी-हावड़ा वंदे भारत एक्सप्रेस रात करीब 12:40 बजे पिट लाइन नंबर चार पर पहुंची। ट्रेन के कोच संख्या सी-17 की जांच के दौरान सुरक्षाकर्मियों की नजर दो ट्रॉली बैग और दो बैकपैक पर पड़ी। चारों बैग लावारिस हालत में रखे हुए थे।

आरपीएफ टीम ने बैगों की जांच की तो उनमें से तेज गंध आने लगी। प्रारंभिक जांच में मादक पदार्थ होने का संदेह हुआ। इसके बाद बैगों के संभावित मालिक की तलाश की गई, लेकिन कोई व्यक्ति सामने नहीं आया। आरपीएफ ने चारों बैगों को ट्रेन से उतारकर नियमानुसार जब्ती और तलाशी की कार्रवाई शुरू की।

कानूनी प्रक्रिया के तहत गजेटेड अधिकारी, स्वतंत्र गवाह और आरपीएफ के गवाहों की मौजूदगी में बैगों की तलाशी ली गई। पूरी कार्रवाई की वीडियोग्राफी भी कराई गई। जांच के दौरान चारों बैगों से भूरे रंग की सेलो टेप में लिपटे कुल 21 पैकेट बरामद हुए। इन पैकेटों में क्रमशः 16.060 किलो, 14.360 किलो, 8.160 किलो और 4.100 किलो संदिग्ध गांजा पाया गया। सभी पैकेटों का कुल वजन 42.680 किलो रहा।

आरपीएफ ने बरामद मादक पदार्थ और पैकेटों को नियमानुसार सील कर आगे की कानूनी कार्रवाई के लिए जीआरपीएस शालीमार को सौंप दिया। इस मामले में केस संख्या 77/2026 दर्ज किया गया है और एनडीपीएस एक्ट की धारा 20(B)(II)(C) के तहत कार्रवाई शुरू की गई है। पुलिस और रेलवे सुरक्षा एजेंसियां अब यह पता लगाने में जुटी हैं कि इतनी बड़ी मात्रा में मादक पदार्थ ट्रेन तक कैसे पहुंचा और इसके पीछे कौन लोग शामिल हैं। त्योहारों के दौरान ट्रेनों में यात्रियों की बढ़ती आवाजाही को देखते हुए आरपीएफ द्वारा इस तरह के अभियान आगे भी जारी रहने की संभावना है।

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