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Fri. Sep 18th, 2026

ईंधन संकट से जूझ रहा पाकिस्तान, सरकार ने लगाईं कई पाबंदियां; नई सरकारी गाड़ियों की खरीद पर रोक, बाजार रात 9 बजे होंगे बंद

इस्लामाबाद। पाकिस्तान में ईंधन की बढ़ती कीमतों और आपूर्ति पर दबाव के बीच सरकार ने खर्च और ईंधन की खपत कम करने के लिए कड़े मितव्ययिता उपाय लागू किए हैं। प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ की मंजूरी के बाद संघीय सरकार ने तत्काल प्रभाव से कई प्रतिबंधों की घोषणा की है। सरकार ने सरकारी वाहनों के लिए ईंधन आवंटन में 50 प्रतिशत कटौती करने के साथ नई गाड़ियों की खरीद पर पूरी तरह रोक लगा दी है। यह व्यवस्था तीन महीने के लिए लागू की गई है। हालांकि एंबुलेंस, दमकल, कानून-व्यवस्था और जरूरी सेवाओं से जुड़े परिचालन वाहनों को ईंधन कटौती से छूट दी गई है।

सरकार ने अधिकारियों और कर्मचारियों की विदेश यात्राओं पर भी तीन महीने के लिए रोक लगा दी है। जरूरी होने पर विदेश यात्रा की अनुमति दी जा सकती है, लेकिन ऐसे मामलों में मंत्रियों, सलाहकारों, राज्य मंत्रियों, प्रधानमंत्री के विशेष सहायकों, सांसदों और सरकारी अधिकारियों को केवल इकोनॉमी क्लास में यात्रा करनी होगी। कुछ प्रशिक्षण, छात्रवृत्ति और अंतरराष्ट्रीय सहयोग से जुड़े कार्यक्रमों को इस प्रतिबंध से छूट दी गई है।

सरकारी खर्च घटाने के लिए आधिकारिक डिनर पर भी रोक लगाई गई है। केवल विदेशी प्रतिनिधिमंडलों के सम्मान में जरूरी सरकारी भोज आयोजित किए जा सकेंगे। सरकारी स्तर पर होने वाले सेमिनार, प्रशिक्षण और सम्मेलन के खर्च को भी सीमित किया गया है। जरूरी कार्यक्रम होने पर उन्हें सरकारी भवनों और सभागारों में आयोजित करने का निर्देश दिया गया है। सरकारी बैठकों में भी आमने-सामने बैठक के बजाय वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग को प्राथमिकता देने को कहा गया है।

पाकिस्तान सरकार ने शादी और अन्य समारोहों में भी खर्च कम करने के लिए केवल एक डिश परोसने की व्यवस्था जारी रखने का फैसला किया है। इसके अलावा दुकानों, बाजारों, शॉपिंग मॉल, बाजारों और किराना दुकानों को रात नौ बजे तक बंद करना होगा। मैरिज हॉल और समारोह स्थल रात 10 बजे तक तथा रेस्तरां, कैफे और अन्य फूड आउटलेट रात 11 बजे तक खुले रह सकेंगे। टेक-अवे और होम डिलीवरी को इस समय सीमा से छूट दी गई है।

दवा दुकान, अस्पताल, क्लीनिक, मेडिकल लैब, बेकरी, तंदूर, दूध-दही की दुकान, पेट्रोल और सीएनजी स्टेशन, इलेक्ट्रिक वाहन चार्जिंग स्टेशन, जिम, खेल सुविधाएं, आईटी कंपनियों और कॉल सेंटरों को इन समय प्रतिबंधों से छूट दी गई है। सरकार ने प्रांतीय और क्षेत्रीय सरकारों से भी इसी तरह के ईंधन संरक्षण और मितव्ययिता उपाय अपनाने पर विचार करने को कहा है।

इन फैसलों की पृष्ठभूमि में मध्य पूर्व में बढ़ते तनाव और अंतरराष्ट्रीय बाजार में पेट्रोलियम की कीमतों में तेज वृद्धि को प्रमुख कारण बताया गया है। पाकिस्तान सरकार का कहना है कि मौजूदा परिस्थितियों में ईंधन की खपत और गैर-जरूरी सरकारी खर्च को नियंत्रित करना जरूरी है।

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