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Fri. Sep 18th, 2026

*23 लाख की फिरौती के लिए अपहृत ऑटो चालक तिलक यादव सकुशल बरामद*

*चतरा :* सदर थाना क्षेत्र के नगवां मुहल्ला निवासी धनपत यादव के पुत्र तिलक यादव को गया जिले के बाराचट्टी प्रखंड अंतर्गत धनगांई थाना पुलिस ने गुरुवार देर शाम सकुशल बरामद कर लिया। तिलक का 13 सितंबर को ऑटो समेत अपहरण कर लिया गया था। अपहरणकर्ताओं ने उसे इटवां गांव के समीप चैलीखार नदी के दूसरे किनारे जंगल-झाड़ी के बीच स्थित एक घर में बंधक बनाकर रखा था।

बाराचट्टी थानाध्यक्ष श्रवण राम के नेतृत्व में धनगांई थाना पुलिस और सशस्त्र सीमा बल की टीम लगातार तिलक की तलाश में जुटी थी। गुरुवार को पुलिस को तिलक का लोकेशन इटवां गांव के समीप मिला। सूचना के बाद पुलिस टीम मौके पर पहुंची और उसे सकुशल बरामद कर लिया।

*यात्री बनकर ऑटो में बैठा था अपहरणकर्ता*

तिलक ने पुलिस को बताया कि 13 सितंबर को वह रोज की तरह अपना ऑटो लेकर घर से निकला था। चतरा डीसी कार्यालय के समीप एक व्यक्ति यात्री बनकर उसके ऑटो में सवार हुआ और राजपुर जाने के लिए भाड़ा तय किया। राजपुर पहुंचने के बाद वह व्यक्ति तिलक को मुख्य सड़क से हटाकर जंगल के रास्ते ले जाने लगा। कुछ दूर जाने के बाद तीन मोटरसाइकिल पर सवार छह लोग वहां पहुंचे और उसकी आंख पर कपड़ा बांध दिया। इसके बाद सभी उसे पैदल जंगल के रास्ते बिहार की ओर ले गए।

*धमनी जंगल में लावारिस मिला था ऑटो*

तिलक का ऑटो राजपुर थाना क्षेत्र के धमनी जंगल के आसपास लावारिस हालत में मिला था। घटना के बाद चतरा सदर एसडीपीओ सन्नी वर्धन के नेतृत्व में पुलिस ने वैज्ञानिक अनुसंधान शुरू किया। मोबाइल लोकेशन के आधार पर तिलक की मौजूदगी धनगांई थाना क्षेत्र के रेवदा गांव के आसपास मिली। एसडीपीओ सन्नी वर्धन बुधवार से पुलिस दल-बल के साथ बाराचट्टी और धनगांई थाना क्षेत्र में कैंप कर रहे थे।

गुरुवार को तिलक का लोकेशन इटवां गांव के समीप चैलीखार नदी के दूसरे किनारे जंगल-झाड़ी के बीच एक घर के पास मिला। इसके बाद धनगांई थानाध्यक्ष श्रवण राम पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे और तिलक को सकुशल बरामद कर लिया। पुलिस ने मौके से JH 13 के 8511 नंबर का वाहन भी बरामद किया है। वाहन को कब्जे में लेकर पुलिस जांच कर रही है।

*23 लाख रुपये की मांगी गई थी फिरौती*

बरामद होने के बाद तिलक ने पुलिस को बताया कि अपहरणकर्ता उससे 23 लाख रुपये की फिरौती मांग रहे थे। उसके मोबाइल से घर पर फोन कर परिजनों से रुपये की मांग भी कराई गई। तिलक के अनुसार, जान बचाने के लिए वह एक लाख रुपये देने को तैयार था, लेकिन अपहरणकर्ता उसकी बात मानने को तैयार नहीं थे।

तिलक ने बताया कि उसे जंगल के बीच एक स्थान पर बैठाकर रखा गया था। अपहरण के दौरान पैदल चलते समय उसकी चप्पल टूट गई, जिससे उसके पैर में दर्द हो गया है।

*मनोज कुमार का नाम सामने आया*

पुलिस के अनुसार, इस अपहरणकांड में धनगांई थाना क्षेत्र के पतलुका निवासी मनोज कुमार का नाम अप्राथमिकी अभियुक्त के रूप में सामने आया है। पुलिस उसकी गिरफ्तारी के लिए संभावित ठिकानों पर छापेमारी कर रही है।

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