जमशेदपुर। टाटानगर रेलवे स्टेशन को वंदे भारत ट्रेनों के रखरखाव की आधुनिक सुविधा से जोड़ने की दिशा में बड़ी पहल हुई है। रेलवे बोर्ड ने टाटानगर में वंदे भारत कोच मेंटेनेंस डिपो के निर्माण को मंजूरी दे दी है। इस संबंध में रेलवे बोर्ड की ओर से गुरुवार को सांसद बिद्युत बरण महतो को आधिकारिक स्वीकृति पत्र भेजा गया। डिपो के निर्माण पर 383.78 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे।
रेलवे बोर्ड के डायरेक्टर प्रोजेक्ट एंड डेवलपमेंट सुमित कुमार के हस्ताक्षर से जारी स्वीकृति पत्र में टाटानगर में आधुनिक वंदे भारत कोच मेंटेनेंस डिपो स्थापित किए जाने की जानकारी दी गई है। इस परियोजना को टाटानगर और चक्रधरपुर रेल मंडल के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है। डिपो बनने के बाद वंदे भारत ट्रेनों के कोचों के रखरखाव और अन्य तकनीकी कार्यों के लिए जरूरी आधारभूत संरचना टाटानगर में उपलब्ध हो सकेगी।
सांसद बिद्युत बरण महतो ने इस परियोजना की स्वीकृति के लिए लंबे समय से रेलवे बोर्ड और रेल मंत्रालय के स्तर पर प्रयास किए थे। उन्होंने बताया कि हाल में संसद सत्र के दौरान भी उन्होंने रेलवे बोर्ड के निदेशक समेत वरिष्ठ अधिकारियों और रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव से करीब चार बार मुलाकात कर टाटानगर में वंदे भारत कोच डिपो की आवश्यकता और इससे होने वाले लाभों को रखा था।
स्वीकृति मिलने के बाद सांसद ने कहा कि टाटानगर में कोच डिपो के निर्माण से रेलवे क्षेत्र में विकास को गति मिलेगी। साथ ही स्थानीय युवाओं के लिए रोजगार के अवसर बढ़ेंगे और चक्रधरपुर रेल मंडल के आधारभूत ढांचे को मजबूती मिलेगी। उन्होंने परियोजना की मंजूरी के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव, दक्षिण पूर्व रेलवे के महाप्रबंधक और चक्रधरपुर मंडल के डीआरएम के प्रति आभार जताया।
सांसद ने टाटानगर स्टेशन की भविष्य की जरूरतों को देखते हुए रेलवे बोर्ड के समक्ष चार अतिरिक्त प्लेटफॉर्म के निर्माण का प्रस्ताव भी रखा है। उनका कहना है कि बढ़ती रेल गतिविधियों और भविष्य में ट्रेनों की संख्या को देखते हुए स्टेशन की क्षमता बढ़ाना जरूरी है।

