चाईबासा: पश्चिमी सिंहभूम जिले में शैक्षणिक गुणवत्ता, नवाचार और शिक्षण गतिविधियों को आगे बढ़ाने में योगदान देने वाले 101 शिक्षकों को शिक्षक सम्मान समारोह-2026 में सम्मानित किया गया। समारोह का आयोजन चक्रधरपुर स्थित जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान (डीआईईटी), चैनपुर में किया गया। कार्यक्रम में जिले के शिक्षा विभाग के पदाधिकारी, डीआईईटी के संकाय सदस्य और शिक्षक मौजूद रहे।
समारोह में उपायुक्त मनीष कुमार, उप विकास आयुक्त उत्कर्ष कुमार, अनुमंडल पदाधिकारी श्रुति राजलक्ष्मी, प्रशिक्षु आईएएस इरा जोरवाल, जिला शिक्षा पदाधिकारी प्रिंस कुमार तथा जिला शिक्षा अधीक्षक-सह-डीआईईटी प्राचार्य प्रवीण कुमार उपस्थित रहे।
सम्मानित होने वाले शिक्षकों में प्रोजेक्ट रैल के प्रश्नपत्र निर्माण में सहयोग करने वाले शिक्षक, सतत व्यावसायिक विकास प्रशिक्षण से जुड़े प्रशिक्षक एवं प्रशिक्षणार्थी, विज्ञान प्रदर्शनी के आयोजन में योगदान देने वाले शिक्षक तथा विभिन्न शैक्षणिक और सह-शैक्षणिक गतिविधियों में सराहनीय कार्य करने वाले शिक्षक शामिल रहे।
उपायुक्त मनीष कुमार ने सम्मानित शिक्षकों को बधाई देते हुए कहा कि विद्यालयी शिक्षा की गुणवत्ता बेहतर बनाने में शिक्षकों की भूमिका महत्वपूर्ण है। शिक्षक विद्यार्थियों को विषय का ज्ञान देने के साथ उनकी जिज्ञासा, रचनात्मकता और आत्मविश्वास को दिशा देते हैं। उन्होंने कहा कि प्रोजेक्ट रैल, विज्ञान प्रदर्शनी और प्रशिक्षण जैसी गतिविधियों में शिक्षकों की भागीदारी से शिक्षा को अधिक प्रभावी और विद्यार्थी-केंद्रित बनाने में मदद मिलती है।
उप विकास आयुक्त उत्कर्ष कुमार ने कहा कि बदलती शैक्षणिक जरूरतों के अनुसार शिक्षकों का लगातार सीखते रहना जरूरी है। सतत व्यावसायिक विकास प्रशिक्षण से शिक्षकों को नई शिक्षण विधियों और नवाचारों की जानकारी मिलती है। उन्होंने विज्ञान प्रदर्शनी जैसी गतिविधियों को विद्यार्थियों में वैज्ञानिक सोच विकसित करने का माध्यम बताया। उन्होंने शिक्षकों से अपने अनुभव और सफल प्रयोगों को दूसरे विद्यालयों के साथ साझा करने की अपील की।
समारोह में कहा गया कि शिक्षकों के अच्छे कार्यों की पहचान और सम्मान से उन्हें आगे भी नई पहल करने का प्रोत्साहन मिलता है। 101 शिक्षकों का सम्मान शिक्षा के क्षेत्र में उनके योगदान की पहचान के साथ-साथ अन्य शिक्षकों के लिए भी प्रेरणा का अवसर बना। इस दौरान विद्यालयों में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा और नवाचार को आगे बढ़ाने पर जोर दिया गया।

