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शहर में बढ़ती सड़क दुर्घटनाओं पर विधायक पूर्णिमा साहू ने जताई चिंता, जिला उपायुक्त को पत्र लिखकर भारी वाहनों पर सुबह 5 से रात 11 बजे तक सख्ती से नो-एंट्री की मांग की, यातयात व्यवस्था सुदृढ़ करने को लेकर दिए कई सुझाव

जमशेदपुर। शहर में लगातार हो रही सड़क दुर्घटनाओं और भारी वाहनों की चपेट में आकर हो रही जानमाल की क्षति पर जमशेदपुर पूर्वी की विधायक पूर्णिमा साहू ने गहरी चिंता व्यक्त की है। आम नागरिकों की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता बताते हुए विधायक ने बुधवार को पूर्वी सिंहभूम के जिला उपायुक्त को पत्र लिखकर शहर की यातायात व्यवस्था को और अधिक प्रभावी, सुरक्षित एवं व्यवस्थित बनाने के लिए कई महत्वपूर्ण सुझाव दिए हैं।

पत्र में विधायक पूर्णिमा साहू ने कहा कि जमशेदपुर एक औद्योगिक शहर है और आर्थिक गतिविधियों के लिए मालवाहक एवं भारी वाहनों का परिचालन आवश्यक है, लेकिन इसके साथ ही शहरवासियों की सुरक्षा सुनिश्चित करना भी प्रशासन की सर्वोच्च जिम्मेदारी होनी चाहिए। पिछले कुछ दिनों में सड़क दुर्घटनाओं की बढ़ती घटनाएं अत्यंत चिंताजनक हैं और इनकी रोकथाम के लिए ठोस एवं समयबद्ध कदम उठाए जाने की आवश्यकता है।

उन्होंने पत्र में उल्लेख किया कि मई 2026 में आयोजित जिला विकास समन्वय एवं अनुश्रवण समिति (दिशा) की बैठक में भी उनके द्वारा यातायात व्यवस्था में सुधार और सड़क दुर्घटनाओं की रोकथाम को लेकर कई महत्वपूर्ण सुझाव दिए गए थे। उन्होंने जिला प्रशासन, पुलिस प्रशासन एवं संबंधित कंपनी प्रबंधन के समन्वय से इन सुझावों को प्रभावी रूप से लागू करने का आग्रह किया है।

पत्र में विधायक ने मांग की है कि प्रातः 5 बजे से रात्रि 11 बजे तक शहरी क्षेत्र में भारी वाहनों के परिचालन पर नो-एंट्री लागू कर उसका सख्ती से अनुपालन सुनिश्चित किया जाए। साथ ही, शहर के प्रमुख एवं व्यस्त चौक-चौराहों पर पर्याप्त संख्या में ट्रैफिक पुलिस बल की तैनाती, नो-एंट्री की समयसारिणी एवं यातायात नियमों की जानकारी देने वाले स्पष्ट सूचना बोर्ड लगाने की व्यवस्था की जाए।

उन्होंने प्रमुख एवं व्यस्त चौक-चौराहों, घनी आबादी वाले क्षेत्रों तथा भारी वाहनों के परिचालन वाले मार्गों पर पर्याप्त संख्या में सीसीटीवी कैमरे लगाने की मांग की है, जिससे यातायात नियमों के उल्लंघन पर प्रभावी निगरानी और कार्रवाई सुनिश्चित की जा सके।

इसके अलावा दुर्घटना संभावित एवं आवश्यक स्थानों पर भारी वाहनों की गति नियंत्रित करने के लिए स्पीड ब्रेकर, दुर्घटना संभावित क्षेत्रों का सुरक्षा ऑडिट, आवश्यकतानुसार सड़क संरचना, संकेतक एवं प्रकाश व्यवस्था में सुधार और घनी आबादी वाले क्षेत्रों में स्पष्ट स्पीड लिमिट साइन बोर्ड लगाने का सुझाव दिया गया है।

विधायक ने भारी वाहन चालकों द्वारा नशे की अवस्था में वाहन चलाने से होने वाली दुर्घटनाओं की रोकथाम के लिए समय-समय पर ब्रेथ एनालाइजर के माध्यम से ड्रंकन ड्राइविंग जांच कराने पर भी विशेष जोर दिया है।

विधायक पूर्णिमा साहू ने जिला प्रशासन से सभी सुझावों पर समयबद्ध एवं प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित करने का आग्रह करते हुए कहा कि विकास और औद्योगिक गतिविधियों के साथ नागरिकों की सुरक्षा का संतुलन बनाए रखना आवश्यक है। उन्होंने कहा कि प्रशासन, पुलिस, संबंधित कंपनियों एवं आम नागरिकों के समन्वित प्रयास से जमशेदपुर की सड़कों को अधिक सुरक्षित बनाया जा सकता है और भविष्य में होने वाली दुर्घटनाओं एवं जानमाल की क्षति पर रोक लगाई जा सकती है। उन्होंने कहा कि शहर की प्रगति के साथ- साथ प्रत्येक नागरिक के सुरक्षित आवागमन और सड़क पर उनकी सुरक्षा में किसी भी प्रकार की लापरवाही नजरदांज नहीं की जाएगी। उन्होंने आश्वस्त किया कि सुरक्षित आवागमन व्यवस्था और नागरिकों के सड़क सुरक्षा के लिए वे हर स्तर पर अपनी आवाज उठाती रहेंगी।

विधायक ने पत्र की प्रतिलिपि अनुमंडल पदाधिकारी, धालभूम; वरीय पुलिस अधीक्षक, पूर्वी सिंहभूम; पुलिस अधीक्षक (शहरी), पूर्वी सिंहभूम; पुलिस उपाधीक्षक (यातायात); नगर आयुक्त, जमशेदपुर अक्षेस और महाप्रबंधक, टाटा स्टील-यूआईएसएल, जमशेदपुर को भी सूचनार्थ एवं आवश्यक कार्रवाई हेतु प्रेषित की है।

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