चाईबासा: न्याय को अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाने के उद्देश्य से जिला विधिक सेवा प्राधिकार, पश्चिमी सिंहभूम की ओर से चक्रधरपुर प्रखंड के सुदूर शिल्फोडी पंचायत में 60 दिवसीय मेगा जागरूकता अभियान के तहत डोर-टू-डोर जन-जागरूकता अभियान चलाया गया। यह अभियान राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकार, नई दिल्ली (नालसा) और झारखंड राज्य विधिक सेवा प्राधिकार, रांची (झालसा) के निर्देश पर चलाया जा रहा है।
अभियान का संचालन प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश-सह-अध्यक्ष, जिला विधिक सेवा प्राधिकार, चाईबासा मौहम्मद शाकिर और सचिव रवि चौधरी के मार्गदर्शन में किया जा रहा है।
अभियान के तहत प्रथम पीएलवी समूह ने शिल्फोडी पंचायत के विभिन्न गांवों में घर-घर जाकर ग्रामीणों से संपर्क किया। इस दौरान सरकारी जनकल्याणकारी योजनाओं से वंचित लोगों की जानकारी जुटाई गई। टीम ने वृद्धा पेंशन, विधवा पेंशन, दिव्यांग पेंशन, श्रम कार्ड, राशन कार्ड, आधार कार्ड और आयुष्मान भारत कार्ड से वंचित परिवारों को चिन्हित किया।
इसके अलावा स्पॉन्सरशिप योजना का लाभ नहीं मिलने वाले अनाथ और जरूरतमंद बच्चों की भी जानकारी ली गई। स्कूल से बाहर रहने वाले बच्चों तथा नशे की समस्या से प्रभावित परिवारों का भी विशेष सर्वे किया गया। अभियान का उद्देश्य ऐसे लोगों तक सरकारी योजनाओं और कानूनी सहायता की जानकारी पहुंचाना है, जो किसी कारण से इन सुविधाओं का लाभ नहीं ले पा रहे हैं।
पीएलवी टीम ने ग्रामीणों को जिला विधिक सेवा प्राधिकार की ओर से उपलब्ध कानूनी सहायता की जानकारी भी दी। बताया गया कि गरीब, असहाय, महिला, आदिवासी और दिव्यांग लोगों को निःशुल्क अधिवक्ता, कानूनी सलाह और न्यायालय शुल्क से संबंधित सहायता उपलब्ध कराई जाती है। जरूरतमंद लोग टोल फ्री नंबर 15100 पर संपर्क कर सकते हैं। इसके अलावा डालसा कार्यालय, चाईबासा में भी संपर्क किया जा सकता है।
अभियान के दौरान ग्रामीणों को उनके कानूनी अधिकारों और सरकारी योजनाओं के संबंध में जानकारी दी गई। ग्रामीणों ने घर-घर पहुंचकर जागरूकता अभियान चलाने की पहल का स्वागत किया। उन्होंने कहा कि इस तरह के अभियान से दूरदराज के ग्रामीणों को सरकारी योजनाओं और कानूनी सहायता की जानकारी सीधे मिल रही है।

