नई दिल्ली। भारतीय महिला क्रिकेट टीम ने शानदार प्रदर्शन करते हुए श्रीलंका को 72 रन से हराकर महिला एशिया कप 2026 का खिताब आठवीं बार अपने नाम कर लिया। भारत ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 183 रन बनाए, जिसके जवाब में श्रीलंकाई टीम 111 रन पर ही सिमट गई। हालांकि भारत की खिताबी जीत के बाद पुरस्कार वितरण समारोह में ट्रॉफी को लेकर ऐसा घटनाक्रम हुआ, जिसने क्रिकेट के साथ भारत-पाकिस्तान संबंधों को भी चर्चा में ला दिया।
फाइनल मुकाबले में एशियाई क्रिकेट परिषद के अध्यक्ष और पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड के प्रमुख मोहसिन नकवी मुख्य अतिथि के तौर पर मौजूद थे। पुरस्कार वितरण के दौरान उन्होंने श्रीलंका की कप्तान चमारी अटापट्टू को उपविजेता का पुरस्कार दिया। इसके बाद जब भारतीय टीम को विजेता ट्रॉफी सौंपने की बारी आई तो भारतीय खिलाड़ी मंच पर नहीं पहुंचीं। बीसीसीआई सचिव देवजीत सैकिया भी टीम के साथ मौजूद रहे। काफी देर तक इंतजार के बाद भी भारतीय टीम ने नकवी के हाथों ट्रॉफी ग्रहण नहीं की।
भारतीय टीम के इस फैसले की वजह भारत और पाकिस्तान के बीच मौजूदा राजनीतिक तनाव को माना जा रहा है। पहलगाम आतंकी हमले के बाद दोनों देशों के संबंधों में तनाव बढ़ा है। ऐसे माहौल में भारत की ओर से यह रुख अपनाया गया कि भारतीय खिलाड़ी पाकिस्तान के राजनीतिक पद पर आसीन व्यक्ति से ट्रॉफी स्वीकार नहीं करेंगी। नकवी पाकिस्तान के मंत्री होने के साथ पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड और एशियाई क्रिकेट परिषद के प्रमुख भी हैं। इसलिए भारतीय टीम ने उनके हाथों पुरस्कार लेने से दूरी बनाई।
बीसीसीआई की ओर से पहले ही एसीसी को इस संबंध में अपना रुख स्पष्ट किए जाने की बात सामने आई है। यानी भारतीय टीम का ट्रॉफी नहीं लेना अचानक लिया गया फैसला नहीं था, बल्कि मौजूदा परिस्थितियों को देखते हुए तय की गई नीति का हिस्सा माना जा रहा है। भारतीय टीम ने टूर्नामेंट में हिस्सा लिया, मैदान पर पाकिस्तान समेत सभी टीमों के खिलाफ खेला, लेकिन पुरस्कार वितरण के दौरान पाकिस्तान के वरिष्ठ राजनीतिक पदाधिकारी से ट्रॉफी लेने से इनकार कर दिया।
ऐसा घटनाक्रम वर्ष 2025 के पुरुष एशिया कप के फाइनल में भी देखने को मिला था। उस समय सूर्यकुमार यादव की कप्तानी वाली भारतीय टीम ने भी मोहसिन नकवी से ट्रॉफी लेने से इनकार कर दिया था। इसके बाद ट्रॉफी को लेकर विवाद खड़ा हुआ था और भारतीय टीम ने बिना ट्रॉफी के ही अपनी खिताबी जीत का जश्न मनाया था। महिला एशिया कप के फाइनल में दोबारा इसी तरह का घटनाक्रम सामने आने से मामला एक बार फिर सुर्खियों में आ गया।
मैच की बात करें तो भारत ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 183 रन का मजबूत स्कोर खड़ा किया। स्मृति मंधाना ने 59 रन और शेफाली वर्मा ने 69 रन की शानदार पारी खेलकर भारत को मजबूत शुरुआत दिलाई। इसके बाद भारतीय गेंदबाजों ने श्रीलंका को लगातार दबाव में रखा। लक्ष्य का पीछा करने उतरी श्रीलंकाई टीम 111 रन पर ऑलआउट हो गई।
भारत की ओर से दीप्ति शर्मा ने शानदार गेंदबाजी करते हुए चार विकेट हासिल किए, जबकि श्री चरणी ने तीन विकेट झटककर श्रीलंका की बल्लेबाजी को पूरी तरह बिखेर दिया। भारत ने 72 रन से फाइनल जीतकर महिला एशिया कप का खिताब आठवीं बार अपने नाम किया। मैदान पर भारत की ऐतिहासिक जीत के साथ ही पुरस्कार समारोह में ट्रॉफी नहीं लेने का फैसला भी इस मुकाबले की सबसे बड़ी चर्चा बन गया।

