जमशेदपुर: शहर में लगातार हो रहे सड़क हादसों को लेकर भाजपा पूर्वी सिंहभूम के जिला प्रभारी और भाजपा जमशेदपुर महानगर के पूर्व जिलाध्यक्ष दिनेश कुमार ने चिंता जताई है। उन्होंने जिला प्रशासन, टाटा स्टील और स्थानीय जनप्रतिनिधियों से सड़क सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए हादसों की रोकथाम के लिए ठोस कदम उठाने की अपील की।
एग्रीको में हाल में हुए सड़क हादसे में पिता-पुत्र की मौत पर दुख जताते हुए दिनेश कुमार ने दोनों मृतकों को श्रद्धांजलि दी और शोकाकुल परिवार के प्रति संवेदना व्यक्त की। उन्होंने कहा कि एक ही परिवार के दो सदस्यों की सड़क दुर्घटना में मौत बेहद पीड़ादायक है। लगातार हो रहे हादसों को देखते हुए अब केवल घटना के बाद संवेदना जताना पर्याप्त नहीं है, बल्कि दुर्घटनाओं को रोकने के लिए पहले से प्रभावी व्यवस्था तैयार करने की जरूरत है।
दिनेश कुमार ने कहा कि जमशेदपुर में ट्रैफिक व्यवस्था की बात आते ही अक्सर हेलमेट जांच और चालान की कार्रवाई सामने आती है। उन्होंने कहा कि हेलमेट पहनना जरूरी है, लेकिन सड़क सुरक्षा की पूरी जिम्मेदारी सिर्फ वाहन चालकों पर डालकर प्रशासन अपनी जिम्मेदारी से मुक्त नहीं हो सकता।
उन्होंने जिला प्रशासन और टाटा स्टील से शहर के प्रमुख चौक-चौराहों, दुर्घटना संभावित क्षेत्रों और ब्लैक स्पॉट का संयुक्त सुरक्षा ऑडिट कराने की मांग की। साथ ही जरूरत के अनुसार ट्रैफिक पुलिस की नियमित तैनाती, पर्याप्त स्ट्रीट लाइट, स्पष्ट रोड साइन, स्पीड कंट्रोल, जेब्रा क्रॉसिंग और ट्रैफिक सिग्नल जैसी व्यवस्थाएं मजबूत करने की बात कही।
उन्होंने कहा कि दुर्घटना संभावित स्थानों पर पुलिस की मौजूदगी केवल हादसे के बाद नहीं, बल्कि हादसे को रोकने के लिए पहले से नजर आनी चाहिए। इसके लिए तकनीक आधारित निगरानी, स्पीड नियंत्रण और यातायात नियमों के प्रभावी अनुपालन पर भी विशेष ध्यान देने की आवश्यकता है।
दिनेश कुमार ने स्थानीय जनप्रतिनिधियों से भी सड़क सुरक्षा के मुद्दे को गंभीरता से उठाने और जिला प्रशासन तथा टाटा स्टील के साथ समन्वय कर स्थायी व्यवस्था विकसित करने की अपील की।
उन्होंने कहा, “एक-एक जीवन अनमोल है। जमशेदपुर को ऐसी यातायात व्यवस्था की जरूरत है, जो केवल चालान काटने तक सीमित न हो, बल्कि लोगों की जिंदगी बचाने के लिए काम करे। हेलमेट चेकिंग जरूरी है, लेकिन सड़क सुरक्षा उससे कहीं बड़ा विषय है।”
एग्रीको हादसे में पिता-पुत्र की मौत को उन्होंने पूरे शहर के लिए गंभीर चेतावनी बताते हुए कहा कि अब सभी संबंधित संस्थाओं को मिलकर ‘सुरक्षित जमशेदपुर, सुरक्षित यातायात’ के लिए ठोस और परिणामकारी कदम उठाने की जरूरत है।
“जमशेदपुर को सुरक्षित सड़कें चाहिए, सिर्फ चालान नहीं।”

