जमशेदपुर। सीतारामडेरा पुलिस ने मानगो बस स्टैंड के पास पाण्डेय घाट इलाके से दो संदिग्ध शूटरों को गिरफ्तार कर हत्या की एक कथित साजिश का खुलासा किया है। पुलिस के अनुसार, दोनों आरोपी उत्तर प्रदेश के सुलतानपुर से जमशेदपुर पहुंचे थे और कुख्यात अपराधी गणेश सिंह गिरोह के एक सदस्य की हत्या करने की तैयारी में थे। हालांकि, जिस व्यक्ति को निशाना बनाया जाना था, उसका नाम आरोपियों को अभी नहीं बताया गया था।
गिरफ्तार आरोपियों की पहचान सुलतानपुर निवासी प्रदीप सिंह उम्र 38 वर्ष और अभिनय यादव उम्र 24 वर्ष के रूप में हुई है। पुलिस ने उनके पास से 7.65 एमएम की एक देसी पिस्टल, दो जिंदा गोलियां और दो एंड्रॉयड मोबाइल फोन बरामद किये हैं। सीतारामडेरा थाना में आर्म्स एक्ट के तहत मामला दर्ज करने के बाद दोनों को न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया।
एएसपी ऋषभ त्रिवेदी ने गुरुवार को मामले का खुलासा करते हुए बताया कि बुधवार को पुलिस को सूचना मिली थी कि दो संदिग्ध अपराधी हथियार लेकर मानगो बस स्टैंड के आसपास घूम रहे हैं और किसी बड़ी आपराधिक घटना को अंजाम देने की तैयारी में हैं। सूचना मिलने के बाद वरीय अधिकारियों को जानकारी दी गयी और छापेमारी के लिए पुलिस टीम गठित की गयी।
पुलिस टीम मानगो बस स्टैंड से पहले पाण्डेय घाट के पास पहुंची तो दो संदिग्ध युवक शौचालय के पीछे छिपने का प्रयास करते दिखाई दिये। पुलिस ने घेराबंदी कर दोनों को पकड़ लिया। तलाशी लेने पर प्रदीप सिंह के पास से 7.65 एमएम की देसी पिस्टल मिली, जिसमें दो गोलियां लोड थीं। दोनों के पास से दो एंड्रॉयड मोबाइल फोन भी बरामद किये गये।
पुलिस पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि वे जमशेदपुर निवासी सिंटू सिंह उर्फ अभिमन्यु सिंह और अशोक कुमार सिंह उर्फ राघव के कहने पर शहर पहुंचे थे। पुलिस के अनुसार, उन्हें गणेश सिंह गिरोह के एक सदस्य की हत्या के लिए बुलाया गया था। दोनों आरोपियों को सीतारामडेरा थाना क्षेत्र के कुम्हारपाड़ा स्थित अशोक कुमार के मकान में उलीडीह निवासी सुनील रजक के माध्यम से ठहराया गया था। आरोपियों के अनुसार, हत्या के लिए पिस्टल और गोलियां भी इन्हीं लोगों की ओर से उपलब्ध करायी गयी थीं।
पुलिस के मुताबिक आरोपियों को अभी उस व्यक्ति का नाम नहीं बताया गया था जिसकी हत्या करनी थी। दोनों टारगेट की जानकारी और सुपारी की रकम तय होने का इंतजार कर रहे थे। इसी दौरान पुलिस को उनकी गतिविधियों की जानकारी मिली और उन्हें हथियार के साथ गिरफ्तार कर लिया गया।
पूछताछ के दौरान पुलिस को यह भी जानकारी मिली कि दोनों आरोपी इससे पहले 19 अगस्त 2026 को निखार सबलोक की हत्या के इरादे से जमशेदपुर आये थे। उस समय उनके साथ सुलतानपुर निवासी राहुल विश्वकर्मा भी था। पुलिस के अनुसार, सुपारी की आधी रकम एडवांस में मांगने को लेकर सिंटू सिंह से विवाद हो गया था। इसके बाद दोनों आरोपी निखार सबलोक की हत्या किये बिना उत्तर प्रदेश लौट गये थे।
पुलिस के अनुसार, निखार सबलोक की हत्या के बाद सिंटू सिंह उर्फ अभिमन्यु सिंह और अशोक कुमार सिंह उर्फ राघव ने दोनों आरोपियों को दोबारा जमशेदपुर बुलाया था। इस बार उन्हें गणेश सिंह गिरोह के किसी अन्य सदस्य को निशाना बनाने की जिम्मेदारी दी गयी थी। पुलिस अब इस पूरी साजिश में शामिल अन्य लोगों की तलाश कर रही है।
एएसपी ने बताया कि प्रदीप सिंह का उत्तर प्रदेश में आपराधिक इतिहास भी रहा है। उसके खिलाफ हत्या, लूट, हत्या के प्रयास, आर्म्स एक्ट और गैंगस्टर एक्ट समेत कई गंभीर मामले दर्ज हैं। पुलिस के अनुसार गोसाईगंज, कोतवाली, करौंदीकला, मोतीगरपुर, अमेठी और दोस्तपुर थानों में उसके खिलाफ कुल 10 मामले दर्ज हैं।
सीतारामडेरा पुलिस अब मामले में शामिल अन्य आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए लगातार छापेमारी कर रही है। पुलिस टीम में थाना प्रभारी आनंद मिश्रा, पुलिस अवर निरीक्षक अक्षय कुमार, मनोरंजन कुमार, सूरज प्रसाद और सशस्त्र बल के जवान शामिल थे।

