Breaking
Mon. Aug 31st, 2026

*रुमकुट हुतुम्बा नाला में तेज बहाव, छात्र की साइकिल पानी में बही* *जर्जर मेटल स्लैब की जगह पुलिया निर्माण की मांग, ग्रामीणों ने आंदोलन की चेतावनी दी*

चाईबासा: पश्चिम सिंहभूम जिले के गोइलकेरा प्रखंड अंतर्गत रात में हुई बारिश के बाद रुमकुट हुतुम्बा नाला में पानी का बहाव अचानक तेज हो गया। नाले पर वर्षों पहले बनाए गए जर्जर मेटल स्लैब के ऊपर से पानी बहने लगा। सोमवार सुबह विद्यालय जाने के दौरान नाला पार करने की कोशिश में कुछ विद्यार्थी हादसे का शिकार होने से बाल-बाल बच गए। इसी दौरान कटकरा गांव निवासी और +2 हाई स्कूल, गोइलकेरा के विद्यार्थी अमृत बोदरा तेज बहाव की चपेट में आ गए। वह बहते-बहते बच गए, जबकि उनकी साइकिल पानी में बह गई।

घटना की जानकारी मिलने के बाद आदिवासी ‘हो’ समाज महासभा, गोइलकेरा के अध्यक्ष पातोर जोंको मौके पर पहुंचे। स्थानीय लोगों की मदद से काफी प्रयास के बाद पानी में बही साइकिल को खोजकर बाहर निकाला गया।

स्थानीय लोगों के अनुसार, हुतुम्बा नाले पर बने दोनों मेटल स्लैब करीब 25 से 30 वर्ष पुराने हैं और वर्तमान में काफी जर्जर हो चुके हैं। ऊपरी मेटल स्लैब का एक हिस्सा अंदर से खोखला होने के साथ-साथ ऊपर की सतह भी क्षतिग्रस्त हो चुकी है। इससे पैदल यात्रियों के साथ वाहनों के आवागमन के दौरान भी दुर्घटना की आशंका बनी रहती है। वहीं निचले मेटल स्लैब पर बारिश के दिनों में कम पानी होने पर भी पानी बहने लगता है। इससे स्कूली विद्यार्थियों, शिक्षकों, आपातकालीन मरीजों और आम लोगों को आवागमन में परेशानी होती है।

*ग्रामसभा के माध्यम से कई बार उठ चुका है मामला*

घटना की जानकारी स्थानीय मुखिया सुनीता मेराल को दी गई। मुखिया ने बताया कि दोनों जर्जर मेटल स्लैब की स्थिति को देखते हुए ग्रामसभा के माध्यम से कई बार पुलिया निर्माण की मांग की जा चुकी है। इसके लिए प्रखंड प्रशासन को प्रस्ताव और ग्रामसभा की प्रति भी सौंपी गई है, लेकिन अब तक इस दिशा में स्थायी समाधान नहीं हो सका है।

आदिवासी ‘हो’ समाज महासभा, गोइलकेरा के अध्यक्ष पातोर जोंको ने प्रशासन से जल्द पुलिया निर्माण कराने की मांग की है। उन्होंने कहा कि जर्जर मेटल स्लैब के कारण विद्यार्थी, शिक्षक, आपातकालीन मरीज और ग्रामीण वर्षों से परेशानी झेल रहे हैं। बारिश के दौरान स्थिति और गंभीर हो जाती है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि जल्द पुलिया का निर्माण नहीं कराया गया तो ग्रामीणों के साथ मिलकर आंदोलन किया जाएगा।

ग्रामीणों ने प्रशासन से विद्यार्थियों और आम लोगों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए जर्जर मेटल स्लैब को हटाकर मजबूत पुलिया का निर्माण कराने की मांग की है। उनका कहना है कि बारिश के मौसम में लगातार उत्पन्न हो रही समस्या को देखते हुए मामले का प्राथमिकता के आधार पर स्थायी समाधान जरूरी है।

Related Post