चाईबासा: पश्चिमी सिंहभूम जिला समाहरणालय के सभागार में उपायुक्त मनीष कुमार की अध्यक्षता में एसी-डीसी बिलों के समायोजन को लेकर समीक्षा बैठक हुई। बैठक में विभागवार लंबित एसी-डीसी बिलों के समायोजन की अद्यतन स्थिति की समीक्षा की गई। इस दौरान शेष लंबित मामलों का शीघ्र निष्पादन सुनिश्चित करने के लिए संबंधित पदाधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए।
बैठक में उप विकास आयुक्त उत्कर्ष कुमार, सामान्य शाखा उपसमाहर्ता देवेंद्र कुमार, कोषागार पदाधिकारी सुमित कुमार सहित सभी जिला स्तरीय पदाधिकारी और विभिन्न कार्यालयों के निकासी एवं व्ययन पदाधिकारी उपस्थित थे।
समीक्षा के दौरान सामने आया कि पूर्व से लंबित एसी-डीसी बिलों के समायोजन में जिले ने अच्छी प्रगति की है। अधिकांश विभागों ने लंबित मामलों के निष्पादन की दिशा में कार्रवाई की है, जिसके कारण लंबित प्रकरणों की संख्या में लगातार कमी आई है। इस प्रगति पर उपायुक्त मनीष कुमार ने संबंधित विभागों और पदाधिकारियों की सराहना की।
उपायुक्त ने कहा कि सरकारी राशि के व्यय का समय पर समायोजन वित्तीय प्रबंधन की महत्वपूर्ण प्रक्रिया है। इससे वित्तीय अनुशासन और पारदर्शिता बनाए रखने में मदद मिलती है। उन्होंने सभी निकासी एवं व्ययन पदाधिकारियों को निर्देश दिया कि शेष लंबित एसी-डीसी बिलों का प्राथमिकता के आधार पर शीघ्र समायोजन सुनिश्चित करें।
उन्होंने कहा कि जिले में लंबित मामलों का शत-प्रतिशत निष्पादन निर्धारित समयसीमा के भीतर किया जाना जरूरी है। इसके लिए सभी विभाग नियमित रूप से मामलों की समीक्षा करें और आपसी समन्वय के साथ आवश्यक कार्रवाई पूरी करें।
बैठक में उपायुक्त ने संबंधित कार्यालयों को आवश्यक अभिलेखों के त्वरित संधारण और वित्तीय नियमों के पूर्ण अनुपालन पर भी विशेष ध्यान देने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि सभी विभाग अपने स्तर से लंबित मामलों की लगातार निगरानी करें, ताकि किसी भी स्तर पर अनावश्यक विलंब न हो।
उपायुक्त ने विश्वास जताया कि सभी विभागों के सामूहिक प्रयास से पश्चिमी सिंहभूम जिला एसी-डीसी बिलों के शत-प्रतिशत समायोजन के लक्ष्य को जल्द पूरा कर लेगा। बैठक के दौरान लंबित मामलों के निष्पादन को लेकर विभागवार स्थिति पर भी चर्चा की गई और संबंधित पदाधिकारियों को आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए गए।

