जमशेदपुर। बिष्टुपुर स्थित एलआईसी के मंडल कार्यालय ‘जीवन प्रकाश भवन’ के बाहर बुधवार को बीमा कर्मचारियों ने केंद्र सरकार की ओर से भारतीय जीवन बीमा निगम (एलआईसी) में हिस्सेदारी बिक्री के फैसले के खिलाफ जोरदार विरोध प्रदर्शन किया। ऑल इंडिया इंश्योरेंस एम्प्लॉइज एसोसिएशन (AIIEA) के देशव्यापी आह्वान पर आयोजित इस प्रदर्शन में कर्मचारियों ने भोजनावकाश के दौरान एकत्र होकर सरकार से प्रस्तावित ऑफर फॉर सेल (ओएफएस) को तत्काल वापस लेने की मांग की।
प्रदर्शन के दौरान वक्ताओं ने कहा कि सरकार ने 3 अगस्त 2026 को एलआईसी की 2.5 प्रतिशत चुकता इक्विटी की बिक्री और 4 प्रतिशत तक अतिरिक्त ग्रीनशू विकल्प के साथ कुल 6.5 प्रतिशत हिस्सेदारी कम करने की प्रक्रिया शुरू की है। कर्मचारियों का कहना था कि सरकार इसे सेबी के न्यूनतम सार्वजनिक शेयरधारिता नियमों के अनुपालन का नाम दे रही है, जबकि यह देश की सबसे बड़ी सार्वजनिक वित्तीय संस्था में सरकारी स्वामित्व को लगातार कमजोर करने की दिशा में उठाया गया कदम है।
बिष्टुपुर स्थित मंडल कार्यालय में आयोजित विरोध प्रदर्शन को बीमा कर्मचारी संघ, जमशेदपुर मंडल के महासचिव कॉमरेड सुभाष कर्ण ने संबोधित किया। उन्होंने कहा कि एलआईसी केवल एक बीमा कंपनी नहीं, बल्कि करोड़ों पॉलिसीधारकों के विश्वास और देश की आर्थिक मजबूती का प्रतीक है। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार सार्वजनिक संपत्तियों की बिक्री के माध्यम से राजकोषीय घाटे की भरपाई कर रही है, जो देशहित में नहीं है। उन्होंने कहा कि एलआईसी का सार्वजनिक स्वरूप हर हाल में सुरक्षित रखा जाना चाहिए।
बीमा कर्मचारी संघ ने कहा कि एलआईसी ने वर्षों से परिवारों की बचत को सुरक्षित रखने, राष्ट्र निर्माण के लिए निवेश उपलब्ध कराने और देश के दूरदराज क्षेत्रों तक जीवन बीमा सेवाएं पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। ऐसे संस्थान में सरकारी हिस्सेदारी कम करना पॉलिसीधारकों और देश के दीर्घकालिक हितों के खिलाफ है। संगठन ने सरकार से ओएफएस का निर्णय वापस लेने तथा सार्वजनिक क्षेत्र के निजीकरण की नीति पर पुनर्विचार करने की मांग की।
संघ के अनुसार, जमशेदपुर मंडल के अंतर्गत जमशेदपुर, रांची, मांडर, गुमला, डाल्टनगंज, गढ़वा, चाईबासा, चक्रधरपुर और घाटशिला की सभी शाखाओं में भी भोजनावकाश के दौरान विरोध प्रदर्शन कर कर्मचारियों ने अपना विरोध दर्ज कराया।
बिष्टुपुर स्थित प्रदर्शन में अध्यक्ष कॉमरेड अमित कुमार माइती, महासचिव कॉमरेड सुभाष कर्ण, कॉमरेड अपूर्व दत्ता, कॉमरेड के. के. शुक्ला, कॉमरेड उत्पल दत्ता, कॉमरेड गौतम पात्रा, कॉमरेड मौसुमी चौधुरी, कॉमरेड महिमा परमार, कॉमरेड बादल प्रामाणिक, कॉमरेड अनन्तो कर, कॉमरेड मथुरा गोराई, कॉमरेड श्रेयों सिन्हा, कॉमरेड सपना कच्छप, कॉमरेड विवेक कुमार, कॉमरेड कृष्ण कुमार, कॉमरेड समीर महतो, कॉमरेड देबाशीष प्रामाणिक, कॉमरेड सपन चंद्रा तथा कॉमरेड पुष्पांजलि सोय सहित बड़ी संख्या में बीमा कर्मचारी उपस्थित रहे।

