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Wed. Aug 5th, 2026

पीएम श्री उत्क्रमित विद्यालय में विधिक जागरूकता शिविर, छात्र-छात्राओं को बाल विवाह, पॉक्सो और साइबर अपराध की दी जानकारी

चाईबासा: झारखंड राज्य विधिक सेवा प्राधिकार, रांची के निर्देश पर जिला विधिक सेवा प्राधिकार, चाईबासा के अध्यक्ष सह प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश मोहम्मद शाकिर तथा सचिव रवि चौधरी के मार्गदर्शन में बुधवार को पीएम श्री उत्क्रमित विद्यालय में एक दिवसीय विधिक जागरूकता शिविर का आयोजन किया गया।

शिविर में अधिकार मित्र सूरज कुमार ठाकुर ने छात्र-छात्राओं को महिला उत्पीड़न, पॉक्सो अधिनियम, साइबर अपराध तथा बाल विवाह निषेध अधिनियम की विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने बताया कि विवाह के लिए लड़कियों की न्यूनतम आयु 18 वर्ष तथा लड़कों की 21 वर्ष निर्धारित है। इससे कम उम्र में होने वाला विवाह बाल विवाह की श्रेणी में आता है, जो कानूनन दंडनीय अपराध है। उन्होंने कहा कि बाल विवाह से बच्चों के स्वास्थ्य और भविष्य पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ता है, इसलिए समाज को इस कुप्रथा से बचना चाहिए।

कार्यक्रम में स्पॉन्सरशिप योजना की भी जानकारी दी गई। बताया गया कि माता या पिता में से किसी एक की मृत्यु होने पर 18 वर्ष से कम आयु के बच्चों को इस योजना के तहत 4,000 रुपये प्रतिमाह की सहायता दी जाती है। इसके लिए मृत्यु प्रमाण पत्र, 75 हजार रुपये या उससे कम आय का प्रमाण पत्र, आधार कार्ड, बैंक पासबुक की छायाप्रति तथा माता, पिता और बच्चे का एक-एक फोटो आवश्यक होता है।

जिला समाज कल्याण विभाग के वन स्टॉप सेंटर (ओएससी) की ओर से नलिनी गोप और नम्रता गोप ने महिलाओं के अधिकारों एवं सुरक्षा संबंधी जानकारी दी। उन्होंने किसी भी प्रकार की समस्या या शिकायत होने पर महिला हेल्पलाइन नंबर 181 पर संपर्क करने की अपील की।

कार्यक्रम में विद्यालय के शिक्षक-शिक्षिकाओं के साथ बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे।

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