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Wed. Aug 5th, 2026

जेपीएससी मेधा घोटाला: सीआईडी की जांच में बड़ा खुलासा, पूर्व मुख्य सचिव के आवासीय कार्यालय से जुड़े धर्मेंद्र हिरासत में

रांची: झारखंड लोक सेवा आयोग (जेपीएससी) के कथित मेधा घोटाला और परीक्षा अनियमितता मामले की जांच जैसे-जैसे आगे बढ़ रही है, वैसे-वैसे पूरे नेटवर्क की परतें खुलती जा रही हैं। इस मामले में सीआईडी ने बुधवार को बड़ी कार्रवाई करते हुए धर्मेंद्र नामक व्यक्ति को हिरासत में लिया है। बताया जा रहा है कि धर्मेंद्र पूर्व मुख्य सचिव एल. ख्यांग्ते के आवासीय कार्यालय में लंबे समय तक कार्यरत रह चुका है और जांच एजेंसी उससे पूछताछ कर रही है।

इससे पहले मंगलवार को सीआईडी ने इस मामले में तीन कथित बिचौलियों को गिरफ्तार किया था। गिरफ्तार आरोपियों में उमेश कुमार, बुद्धेश्वर भगत और रमेश कुमार शामिल हैं। जांच में सामने आया है कि इन पर परीक्षा संचालन करने वाली एजेंसी टीडीपीएल के साथ मिलकर अभ्यर्थियों के लिए कथित तौर पर ‘सेटिंग-गेटिंग’ कराने का आरोप है।

सूत्रों के अनुसार, इन नई गिरफ्तारियों और हिरासत में लिए गए लोगों से पूछताछ के बाद जांच एजेंसी को कई महत्वपूर्ण सुराग मिले हैं, जिनके आधार पर पूरे सिंडिकेट के अन्य सदस्यों तक पहुंचने का प्रयास किया जा रहा है। सीआईडी इस मामले में वित्तीय लेन-देन, संपर्कों और परीक्षा प्रक्रिया में कथित हस्तक्षेप के पहलुओं की भी गहन जांच कर रही है।

जानकारी के मुताबिक, अब तक इस प्रकरण में गिरफ्तार आरोपियों की संख्या बढ़कर 15 हो गई है। हालांकि, इस संबंध में सीआईडी की ओर से अभी तक कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है। मामले की गंभीरता को देखते हुए जांच लगातार जारी है और आने वाले दिनों में कुछ और अहम खुलासे होने की संभावना जताई जा रही है।

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