कोडरमा। कोडरमा में हाथियों का आतंक थमने का नाम नहीं ले रहा है। ग्रामीण और जंगल से सटे इलाकों के बाद अब हाथी शहरी क्षेत्रों में भी देखे जा रहे हैं, जिससे लोगों में दहशत का माहौल है।
रात के अंधेरे में हाथियों का विचरण बढ़ जाने से ग्रामीणों में भय व्याप्त है। लोग डर के साये में जीने को मजबूर हैं। अब तक हाथियों के हमले में कई लोगों की जान जा चुकी है, जिससे जंगल से सटे इलाकों में चिंता और बढ़ गई है। हालांकि वन विभाग की ओर से लोगों को सतर्क रहने की अपील की जा रही है।
कोडरमा में हालात इतने गंभीर हो गए हैं कि शहरी इलाकों में भी हाथियों की मौजूदगी देखी गई है। इसके बाद शहरवासियों में भी भय का माहौल है। कोडरमा विधायक डॉ. नीरा यादव ने इस मामले को गंभीर बताते हुए ग्रामीणों की सुरक्षा सुनिश्चित करने की मांग की है।
विधायक ने वन विभाग की कार्यशैली पर सवाल उठाते हुए कहा कि विभाग के लोग निष्क्रिय बने हुए हैं, जबकि दूसरी ओर जंगलों की कटाई लगातार जारी है। इसका असर वन्यजीवों के प्राकृतिक आवास पर पड़ रहा है, जिसके कारण हाथी अब रिहायशी इलाकों की ओर रुख कर रहे हैं।
उन्होंने चेतावनी दी कि यदि सरकार ने समय रहते इस मामले में संज्ञान नहीं लिया, तो आने वाले दिनों में स्थिति और भी भयावह हो सकती है।
दरअसल, कोडरमा चारों ओर से जंगलों से घिरा हुआ है। ऐसे में जंगल और उससे सटे इलाकों में रहने वाले ग्रामीण सबसे अधिक खतरे में हैं। कई लोग अब भी मिट्टी और कच्चे मकानों में रहते हैं, जिससे हाथियों के हमले की स्थिति में उनकी जान पर सीधा खतरा बना रहता है।

