जमशेदपुर: जमशेदपुर पश्चिम के विधायक सरयू राय ने शुक्रवार को शहर में कानून-व्यवस्था के मुद्दे पर हुए स्वतःस्फूर्त जमशेदपुर बंद को जनता की स्पष्ट अभिव्यक्ति बताते हुए इसके लिए शहरवासियों का आभार व्यक्त किया है। उन्होंने कहा कि इस बंद की सफलता यह दर्शाती है कि आम लोग अपराध, भ्रष्टाचार और अव्यवस्थित प्रशासनिक व्यवस्था से परेशान हैं तथा बदलाव की अपेक्षा रखते हैं।
शनिवार को जारी अपने बयान में सरयू राय ने कहा कि बंद के दौरान सड़कों पर उतरकर लोगों का मनोबल बढ़ाने वाले एनडीए और विभिन्न सामाजिक संगठनों के नागरिक बधाई के पात्र हैं। उन्होंने विशेष रूप से जदयू और एनडीए के कार्यकर्ताओं से अपील की कि वे इस जनभावना को समझें और भविष्य की राजनीति को जनहित तथा सिद्धांतों के आधार पर आगे बढ़ाने का संकल्प लें।
उन्होंने कहा कि जनता केवल अपराध, छिनतई, चोरी और चापड़बाजी जैसी घटनाओं से ही नहीं, बल्कि भ्रष्टाचार, महंगाई और स्वार्थपरक राजनीति से भी परेशान है। ऐसे समय में राजनीतिक दलों और कार्यकर्ताओं की जिम्मेदारी है कि वे व्यक्तिगत हितों और अनावश्यक राजनीतिक प्रतिस्पर्धा से ऊपर उठकर मूल्यों पर आधारित राजनीति को प्राथमिकता दें।
सरयू राय ने कहा कि देश के पास महात्मा गांधी, राम मनोहर लोहिया, पंडित दीनदयाल उपाध्याय और लोकनायक जयप्रकाश नारायण जैसे विचारकों की समृद्ध वैचारिक विरासत है। उनका मानना है कि पिछले कुछ दशकों में इन मूल्यों का प्रभाव राजनीतिक जीवन में कमजोर हुआ है और अब समय आ गया है कि इन्हें फिर से जनजीवन और राजनीति के केंद्र में लाया जाए।
उन्होंने कहा कि शुक्रवार के स्वतःस्फूर्त बंद से निकला संदेश यही है कि जनता सकारात्मक और नैतिक राजनीति चाहती है। राजनीतिक कार्यकर्ताओं को “नैतिक राजनीति” और “राजनीतिक रणनीति” के अंतर को समझते हुए उसी आधार पर नए कार्यकर्ताओं और समर्थकों को तैयार करना चाहिए। उनके अनुसार, यदि राजनीति सिद्धांतों और जनविश्वास पर आधारित होगी तो जनता उसका उचित मूल्यांकन भी करेगी।

