चाईबासा: महिला कॉलेज, चाईबासा में ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्व विद्यालय के तत्वावधान में “मोबाइल मेरा मित्र” विषय पर प्रेरक व्याख्यान का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में मुख्य वक्ता महेश प्रसाद ने वीडियो प्रस्तुति के माध्यम से विद्यार्थियों को मोबाइल के सकारात्मक और नकारात्मक प्रभावों की जानकारी दी।
अपने संबोधन में महेश प्रसाद ने नोमोफोबिया (Nomophobia) यानी मोबाइल से दूर होने के भय के बारे में विस्तार से बताया। उन्होंने कहा कि वर्तमान डिजिटल युग में मोबाइल का विवेकपूर्ण और संतुलित उपयोग ही मानसिक, सामाजिक और शैक्षणिक विकास के लिए आवश्यक है। उन्होंने विद्यार्थियों को मेडिटेशन के महत्व से भी अवगत कराया और तनावमुक्त जीवन के लिए नियमित ध्यान करने की सलाह दी।
कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए महाविद्यालय की प्राचार्या डॉ. अंजना खलखो ने कहा कि सकारात्मक सोच, आत्मअनुशासन और आध्यात्मिक मूल्यों को अपनाकर जीवन में सुख, शांति और सफलता प्राप्त की जा सकती है। उन्होंने विद्यार्थियों से मोबाइल का उपयोग केवल आवश्यक कार्यों और शिक्षा के उद्देश्य से करने की अपील की।
कार्यक्रम में प्रो. विकास मिश्रा, डॉ. सुचिता बाड़ा, माधुरी खलखो, मोबारक करीम हाशमी, डॉ. राजीव लोचन नमता, डॉ. बबीता कुमारी, शीला समद, धनंजय कुमार और उमा शंकर सहित बी.एड. सेमेस्टर-1 की छात्राएं उपस्थित रहीं।
कार्यक्रम का संचालन डॉ. अर्पित सुमन ने किया। अंत में राष्ट्रगान और सामूहिक छायांकन के साथ कार्यक्रम का समापन हुआ।

