चाईबासा: कांग्रेस भवन चाईबासा में शनिवार को देश की पूर्व प्रधानमंत्री एवं भारत रत्न इंदिरा गांधी की पुण्यतिथि तथा देश के प्रथम उप प्रधानमंत्री सरदार वल्लभभाई पटेल की जयंती मनाई गई। इस अवसर पर कांग्रेस नेताओं और कार्यकर्ताओं ने दोनों महान नेताओं के चित्रों पर पुष्प अर्पित कर श्रद्धांजलि दी और देश के विकास एवं राष्ट्र निर्माण में उनके योगदान को याद किया।
कार्यक्रम के दौरान कांग्रेस जिला प्रवक्ता त्रिशानु राय ने कहा कि इंदिरा गांधी ने अपने दृढ़ नेतृत्व, साहसिक फैसलों और दूरदर्शी राजनीतिक इच्छाशक्ति से भारतीय राजनीति के साथ-साथ अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी देश को एक नई पहचान दिलाई। वहीं सरदार वल्लभभाई पटेल ने अपनी दृढ़ इच्छाशक्ति और कुशल नेतृत्व के बल पर देश की सैकड़ों रियासतों का एकीकरण कर अखंड भारत की मजबूत नींव रखी।
उन्होंने कहा कि दोनों महान नेताओं का जीवन देश की एकता, अखंडता, सामाजिक सद्भाव और लोकतांत्रिक मूल्यों की रक्षा के लिए संघर्ष करने की प्रेरणा देता है। उनके विचारों और आदर्शों को अपनाना ही उनके प्रति सच्ची श्रद्धांजलि होगी।
कार्यक्रम में उपस्थित कांग्रेसजनों ने कहा कि इंदिरा गांधी और सरदार वल्लभभाई पटेल का राष्ट्र के प्रति समर्पण और योगदान हमेशा याद किया जाएगा। दोनों नेताओं के आदर्श आज भी देशवासियों को एकता और राष्ट्रीय एकजुटता का संदेश देते हैं।
कार्यक्रम के अंत में सभी कांग्रेसजनों ने देश की एकता, अखंडता और संविधान की रक्षा के लिए प्रतिबद्ध रहने तथा दोनों नेताओं के बताए मार्ग पर चलने का संकल्प लिया।
इस अवसर पर पूर्व प्रदेश सचिव अशरफुल होदा, लेओनार्ड बोदरा, अशोक बारिक, जगदीश सुंडी, चन्द्र भूषण बिरुवा, सुरसेन तोपनो, जहाँगीर आलम, महीप कुदादा, कलीम अख्तर, देवेश चरण, सुशांतो चटर्जी, बचन खान, सुशील दास और विनोद खंडाईत सहित अन्य कांग्रेसजन उपस्थित थे।

