Breaking
Fri. Oct 30th, 2026

*पांच महीने से वृद्धावस्था पेंशन नहीं मिलने से परेशान बुजुर्ग, खुंटपानी प्रखंड प्रमुख ने उठाई आवाज*

चाईबासा: पश्चिमी सिंहभूम जिले के खुंटपानी प्रखंड के पुरुनिया गांव में पिछले पांच महीने से वृद्धावस्था पेंशन नहीं मिलने के कारण बुजुर्गों को आर्थिक परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। पेंशन का इंतजार कर रही वृद्ध महिलाओं का कहना है कि सरकार की ओर से मिलने वाली एक हजार रुपये की मासिक राशि से वे अपने दैनिक जीवन की जरूरतें पूरी करती हैं। ऐसे में कई महीनों से पेंशन नहीं मिलने के कारण उनके सामने जीवनयापन की समस्या खड़ी हो गई है।

इस मामले को लेकर खुंटपानी प्रखंड प्रमुख सिद्धार्थ होनहागा ने चिंता जताते हुए केंद्र सरकार की पेंशन व्यवस्था पर सवाल उठाए हैं। उन्होंने कहा कि इंदिरा गांधी राष्ट्रीय वृद्धावस्था पेंशन योजना भारत सरकार के ग्रामीण विकास मंत्रालय द्वारा संचालित केंद्रीय योजना है। इसके तहत बुजुर्गों को आर्थिक सहायता दी जाती है, लेकिन झारखंड के कई जिलों में पिछले पांच महीने से वृद्धावस्था पेंशन का भुगतान नहीं होने की शिकायतें सामने आ रही हैं।

सिद्धार्थ होनहागा ने कहा कि पूरे झारखंड के 24 जिलों में वृद्धावस्था पेंशन, विधवा पेंशन और दिव्यांग पेंशन से जुड़ी समस्याएं सामने आ रही हैं। जरूरतमंद लोगों को समय पर पेंशन नहीं मिलना दुर्भाग्यपूर्ण है। उन्होंने कहा कि बुजुर्गों और जरूरतमंद लोगों के लिए एक हजार रुपये की मासिक पेंशन काफी महत्वपूर्ण है। इसी राशि से वे अपनी छोटी-मोटी जरूरतें पूरी करते हैं।

उन्होंने झारखंड सरकार और जिला प्रशासन से इस मामले को गंभीरता से लेते हुए पेंशन भुगतान की समस्या का समाधान कराने तथा आवश्यक प्रस्ताव केंद्र सरकार को भेजने की मांग की। साथ ही आम लोगों से अपील की कि जिनकी वृद्धावस्था, विधवा या दिव्यांग पेंशन किसी कारण से बंद है या नहीं मिल रही है, वे अपने स्थानीय जनप्रतिनिधि और पंचायत सचिव से संपर्क कर समस्या के समाधान का प्रयास करें।

प्रखंड प्रमुख ने कहा कि जरूरतमंद लाभुकों को नियमानुसार पेंशन का लाभ मिलना चाहिए, ताकि उन्हें आर्थिक परेशानियों का सामना नहीं करना पड़े।

Related Post