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हजारीबाग ओपन जेल में दो पूर्व नक्सली कमांडर विवाह बंधन में बंधे, पुलिस-प्रशासन ने निभाई बाराती की भूमिका

हजारीबाग। हिंसा का रास्ता छोड़कर समाज की मुख्यधारा में लौटने वाले दो पूर्व नक्सली कमांडरों ने अपने जीवन की नई शुरुआत की है। हजारीबाग ओपन जेल में बंद दोनों पूर्व नक्सलियों का विवाह पुलिस और जिला प्रशासन की पहल पर पूरे विधि-विधान के साथ संपन्न कराया गया। इस विवाह समारोह में हजारीबाग पुलिस और जिला प्रशासन के अधिकारी बाराती बनकर शामिल हुए। अधिकारियों ने नवदंपती को आशीर्वाद देते हुए उनके सुखद भविष्य की कामना की।

विवाह बंधन में बंधने वालों में रांची जिले के बुंडू थाना क्षेत्र के बारूहातू गांव निवासी पूर्व नक्सली कमांडर सुरेश सिंह मुंडा और तमाड़ क्षेत्र के अराहंगा गांव की रहने वाली सोमवारी हेम्ब्रम शामिल हैं। दोनों ने आत्मसमर्पण कर हिंसा का रास्ता छोड़ने के बाद समाज की मुख्यधारा में लौटकर सामान्य जीवन जीने का संकल्प लिया है। विवाह के माध्यम से दोनों ने अपने जीवन का नया अध्याय शुरू किया।

समारोह के दौरान विवाह से संबंधित कानूनी और प्रशासनिक औपचारिकताएं भी पूरी की गईं। हजारीबाग के जिला विवाह पदाधिकारी राजेश एक्का ने दोनों का विवाह पंजीकरण कराया। इससे उनके वैवाहिक संबंध को कानूनी मान्यता भी मिल गई।

इस विवाह की खास बात यह रही कि पुलिस और प्रशासन के अधिकारियों ने परिजनों की कमी महसूस नहीं होने दी। अधिकारियों ने समारोह में शामिल होकर नवदंपती का उत्साह बढ़ाया और उन्हें सम्मानजनक जीवन जीने के लिए शुभकामनाएं दीं।

प्रशासन की इस पहल को पूर्व नक्सलियों के पुनर्वास की दिशा में मानवीय प्रयास के रूप में देखा जा रहा है। इसका उद्देश्य हिंसा का रास्ता छोड़कर समाज में लौटने वाले लोगों को सम्मान के साथ जीवन जीने का अवसर देना और उन्हें नई शुरुआत के लिए प्रोत्साहित करना है।

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