चाईबासा: आदिवासी किसान मजदूर पार्टी के जिला अध्यक्ष सह जिला परिषद सदस्य मानसिंह तिरिया के नेतृत्व में रविवार को नोवामुंडी प्रखंड के खदान क्षेत्र का दौरा किया गया। इस दौरान बंद पड़ी खदानों को चालू करने, आदिवासियों की सहकारी समितियां बनाकर खनन कार्य शुरू कराने, पलायन रोकने, मशीनों का इस्तेमाल कम कर स्थानीय लोगों को रोजगार देने और डीएमएफटी फंड से क्षेत्र का विकास कराने की मांग को लेकर जागरूकता अभियान चलाया गया। पार्टी ने आगामी 28 अक्टूबर 2026 को नोवामुंडी प्रखंड कार्यालय के सामने आयोजित धरना-प्रदर्शन में शामिल होने की अपील भी की।
दौरे के दौरान मानसिंह तिरिया ने कहा कि खदान क्षेत्र में कई खदानें बंद पड़ी हैं। इसके कारण ग्रामीणों और मजदूरों को रोजगार नहीं मिल रहा है और वे काम की तलाश में तमिलनाडु, चेन्नई, ओडिशा, बेंगलुरु सहित दूसरे राज्यों में पलायन करने को मजबूर हैं। उन्होंने कहा कि दूसरे राज्यों में काम करने गए कई मजदूरों के साथ शारीरिक और मानसिक शोषण की घटनाएं भी सामने आती रहती हैं।
मानसिंह तिरिया ने कहा कि झारखंड खनिज संपदा से समृद्ध राज्य है और नोवामुंडी क्षेत्र में लौह अयस्क तथा मैंगनीज का बड़े पैमाने पर कारोबार होता है। इसके बावजूद स्थानीय आदिवासी परिवारों की आर्थिक स्थिति में अपेक्षित सुधार नहीं हुआ है। उन्होंने कहा कि कई आदिवासी आज भी लकड़ी, दातून और पत्ते बेचकर जीवनयापन कर रहे हैं।
उन्होंने आरोप लगाया कि स्थानीय विधायक और सांसद इस समस्या पर पर्याप्त ध्यान नहीं दे रहे हैं। उनके अनुसार, बड़े औद्योगिक घरानों को लाभ मिल रहा है, जबकि स्थानीय लोगों को रोजगार और विकास के पर्याप्त अवसर नहीं मिल पा रहे हैं।
तिरिया ने मांग की कि बंद खदानों को सहकारी समितियों के माध्यम से चालू करने की दिशा में पहल हो, खनन क्षेत्र में स्थानीय मजदूरों को प्राथमिकता दी जाए और डीएमएफटी फंड का उपयोग क्षेत्र के विकास तथा ग्रामीणों की सुविधाओं के लिए किया जाए।
जागरूकता अभियान के तहत नोवामुंडी, जामदा, दिरिबुरू, खास जामदा, कोनतोडेया, सिंदरीगुयू, बलजोड़ी, पदापहाड़, बोंगामंडा और ईटरबालजोड़ी सहित विभिन्न गांवों का दौरा किया गया।
इस दौरान बिंद्राय सुरीन, बुधराम बालमुचू, शंभू चातोम्बा और सुकुर मनी बालमुचू सहित बड़ी संख्या में ग्रामीण उपस्थित थे। पार्टी ने लोगों से 28 अक्टूबर को प्रस्तावित धरना-प्रदर्शन में शामिल होकर रोजगार, पलायन और क्षेत्रीय विकास से जुड़ी मांगों को मजबूत करने की अपील की।

